घर में नहीं हृदय में प्रकट करें मृदुलकांत
कोरबा। बिलोटीया परिवार द्वारा पीलीकोठी प्रांगण में आयोजित श्री भागवतकथा के चतुर्थ दिवस बड़ी धूमधाम से श्री कृष्ण जन्म एवं नंदोत्सव मनाया गया। बिलोटीया परिवार द्वारा बधाइयां दी गई। सभी भक्तों को उपहार लुटाए गए। साथ ही वासुदेव कृष्ण की झांकी ने सभी के मन को मोहित किय।
व्यास पीठ से वृंदावन धाम से पधारे मृदुलकांत शास्त्री ने कहा की कृष्ण को अपने घर में तो प्रकट करो ही। लेकिन साथ ही साथ कृष्ण तत्वों का प्राकृतिक अपने हृदय में भी करो यही कृष्ण जन्माष्टमी है । लोग एक दिन उत्सव मनाते हैं भूल जाते हैं वर्ष भर समस्याओं से घिरे रहते हैं । दुखी और उदास रहते हैं, लेकिन यदि एक बार श्री कृष्णा रूपी आनंद का प्राकट्य जीव के हृदय में हो जाए तो संसार के दुख से प्रभावित नहीं करेंगे और वह सर्वदा आनंद में मगन रहेगा। साथ ही अपने संपर्क में आने वाले सभी व्यक्तियों को भी आनंदित करेगा । आचार्य श्री ने बताया कि भगवान कितने करुणामय है की गजेंद्र जैसे जल में रहने वाले जीव की प्रार्थना पर अगर भगवान दौड़े दौड़े आ सकते हैं तो क्या हम मनुष्यों की पुकार अगर सच्ची हो तो प्रभु नहीं पधारेंगे। आवश्यकता हृदय में भाव और विश्वास की है। मनुष्य होकर भी हमारे अंदर इन गुणों की सर्वथा कमी है । व्यासपीठ से आचार्य मृदुलकांत शास्त्री ने समुद्र मंथन प्रसंग के साथ-साथ आज की वातावरण में मानव जीवन में हर व्यक्ति को विचार और कर्म का सामंजस्य बनाते हुए जीवन बिताना है , तभी जीवन में अमृत तत्व का प्राकट्य होगा यह श्रवण करते हुए भगवान के श्री वामन अवतार और श्री राम अवतार की कथाओं का मनोहारी वर्णन किया। भगवान श्री राम लक्ष्मण और जानकी कथा केवट की सुंदर प्रसंग के अंतर्गत सुंदर झांकी का भी सब ने दर्शन लाभ ग्रहण किया ।इस अवसर पर जांजगीर पूर्व सांसद कमला देवी पाटले, जांजगीर विधायक ब्यास कश्यप, पूनम चंद अग्रवाल रायगढ़ अनिल अग्रवाल खरसिया एवं भक्त गण बड़ी संख्या में पधारे।