नवमीं में प्रवेशित छात्राओं को सरस्वती योजना की मिली साइकिलें

कोरिया बैकुंठपुर। कोरिया जिले के शासकीय हाई स्कूल जामपानी में एक विशेष आयोजन के तहत छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत साइकिल वितरण किया गया। इस अवसर पर शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अंबे लाल पाडो, शाला प्रबंधन समिति के सदस्यगण, पालकगण, प्रभारी प्राचार्य, प्रधान पाठक तथा शाला के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय परिसर में उत्साहपूर्वक किया गया, जिसमें छात्राओं के चेहरे पर नई साइकिल मिलने की खुशी साफ झलक रही थी।
सरस्वती साइकिल योजना का उद्देश्य ग्रामीण व दूरस्थ अंचल की छात्राओं को विद्यालय आने-जाने के लिए सुविधाजनक साधन उपलब्ध कराना है। कई बार स्कूल घर से काफी दूरी पर स्थित होता है, जिससे छात्राओं को पैदल चलकर लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। ऐसे में यह योजना छात्राओं की शिक्षा में निरंतरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने कहा कि साइकिल मिलने से निश्चित तौर पर छात्राओं के समय और ऊर्जा की बचत होगी तथा वे अधिक नियमित रूप से पढ़ाई पर ध्यान दे सकेंगी। कार्यक्रम की शुरुआत शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अंबे लाल पाडो के उद्बोधन से हुई। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा संचालित यह योजना विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में पढऩे वाली छात्राओं के लिए एक वरदान है। साइकिल से न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि वे सुरक्षित और समय पर विद्यालय पहुँच सकेंगी। उन्होंने सभी छात्राओं को अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित करने और समाज व परिवार का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। प्रभारी प्राचार्य श्रीमती मनोरमा कुजूर ने अपने संबोधन में बताया कि शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है और शासन की यह पहल शिक्षा को सर्वसुलभ और सरल बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि साइकिल मिलने से अब छात्राओं के लिए विद्यालय तक पहुँचने का सफर आसान और सुरक्षित होगा। साथ ही, यह योजना बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने और विद्यालयी शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाने में सहायक बनेगी। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षकों ने भी छात्राओं को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह योजना न केवल एक साधन है, बल्कि छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की ओर बढऩे की प्रेरणा है।
माता-पिता और अभिभावकों ने भी शासन एवं शिक्षा विभाग के प्रति आभार जताया कि उन्होंने बेटियों की पढ़ाई को प्राथमिकता देते हुए उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए ऐसी योजना बनाई। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब उन्हें विद्यालय आने-जाने में किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। लंबी दूरी पैदल तय करने की परेशानी दूर हो जाएगी और वे अपने अध्ययन में अधिक समय दे पाएँगी। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर विद्यालय का पूरा वातावरण उत्साह और उमंग से भरा हुआ था। निश्चित रूप से इस प्रकार की योजनाएँ ग्रामीण व अंचल की बालिकाओं के लिए शिक्षा का नया मार्ग प्रशस्त करती हैं और समाज में बेटियों की शिक्षा के महत्व को और भी अधिक मजबूती प्रदान करती हैं।

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