
चांपा। शहर के अग्रसेन भवन में तीन से सात अगस्त तक वेंकटेश झूला उत्सव कार्यक्रम का आयोजन बसईवाल परिवार द्वारा किया जा रहा है । इसे लेकर मध्य प्रदेश के इटारसी से पहुंचे स्वामी रामकृष्णचार्य ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि मर्यादा का पालन कर भगवान की भक्ति करनी चाहिए जो भगवान को प्रिय नहीं वह धर्म नहीं हो सकता । पत्रकारों के द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में आचार्य ने कहा कि महिलाओं को व्यास पीठ पर बैठने की अनुमति वेद नहीं देता लेकिन वे आपस में बैठकर कीर्तन भजन सत्संग कर सकते हैं। धर्मांतरण को लेकर उन्होंने कहा कि इसके लिए लोगों को स्वयं सजग एवं सचेत रहना चाहिए , आगे उन्होंने कहा कि राजनीति एवं धर्म एक ही है और धर्म का पालन करते हुए राजनीति करनी चाहिए एवं प्रजा का पालन अपने बेटे की तरह करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को माता शबरी का अनुसरण करते हुए भक्ति एवं प्रेम के साथ भगवान की पूजा अर्चना करनी चाहिए ।
पत्रकार के द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में महाराज जी ने कहा कि व्यास पीठ पर बैठने का अधिकार ब्राह्मणों को ही है वहीं उन्होने साई बाबा के विषय में भी दो टूक कहा कि सनातन धर्म में इसका उल्लेख कहीं नही है इसलिए सनातन धर्मावलंबियों को इससे दूर रहना चाहिए । इस दौरान झूला महोत्सव आयोजक परिवार से कैलाश बसईवाल , पवन अग्रवाल, देवेश बसईवाल , अंकित बसईवाल, आनंद बसईवाल, पंकज अग्रवाल , अशोक गोयल , धन्नू गट्टानी सहित पारिवारिक जन उपस्थित रहे । सुबह प्रवचन के साथ रात्री झूला उत्सव – इस आयोजन में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से लेकर 12.30 तक स्वामी रामकृष्णाचार्य के श्रीमुख से प्रवचन सत्संग का कार्यक्रम होता है।





















