अलविदा अजित पवार, पंचतत्व में विलीन हुए महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम

नईदिल्ली २9 जनवरी ।
महाराष्ट्र के पुणे जिले में गुरुवार को बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान में नेश्नलिस्ट कांग्रेस पार्टी के चीफ रहे अजित पवार पंचतत्व में विलीन हो गए। बुधवार को बारामती हवाई अड्डे के पास रनवे से सिर्फ 200 मीटर की दूरी पर विमान के दुर्घनटनाग्रस्त हो जाने से पांच लोगों की मौत हो गई थी। पवार का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ हुआ। पवार के अंतिम संस्कार के दौरान अजित दादा अमर रहे के नारे लगे। विद्या प्रतिष्ठान में हजारों की मौजूदगी में पवार को उनके बेटे पार्थ और जय ने मुखाग्नि दी।
अंतिम संस्कार के दौरान गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, बीजेपी चीफ नितिन नवीन, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे। मनसे चीफ राज ठाकरे, शिवसेना यूबीटी चीफ उद्धव ठाकरे समेत कई नेता मौजूद रहे। दादा के नाम से मशहूर 66 वर्षीय अजित पवार के निधन से न केवल महाराष्ट्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में एक बड़ा खालीपन पैदा हुआ है, बल्कि उनकी अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (हृष्टक्क) के भविष्य पर भी सवाल खड़े हो गए है। अजित पवार के चाचा और हृष्टक्क के संस्थापक शरद पवार ने कहा कि यह एक दुर्घटना थी और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। इन सबके बीच दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विमान से बरामद किए जाने वाले ‘ब्लैक बॉक्स’ का विश्लेषण किया जाएगा। ‘वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ की ओर से संचालित 16 साल पुराना चार्टर्ड विमान ‘लियरजेट’ बारामती हवाई अड्डे पर दूसरी बार लैंडिंग का प्रयास करते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। अजित पवार राज्य में जिला परिषद चुनाव के प्रचार अभियान के तहत जनसभाओं को संबोधित करने के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे।
दुर्घटना में जान गंवाने वालों में कैप्टन सुमित कपूर भी शामिल हैं, जिनके पास 15,000 घंटे का उड़ान अनुभव था। 1,500 घंटे का उड़ान अनुभव रखने वाली सह-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक, निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) विधिप जाधव और विमान परिचारिका पिंकी माली की भी इस हादसे में मौत हो गई। पवार, अपने पीछे 2 बेटे जय और पार्थ, पत्नी सुनेत्रा समेत भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन के बाद न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि देश की राजनीति में भी एक खालीपन आ गया है। 6 बार के डिप्टी सीएम रहे पवार के बारे में कई नेताओं ने सार्वजनिक मंचों से कहा था कि वह एक बार सीएम जरूर बनेंगे। हालांकि पवार का यह सपना उनके साथ चला गया।

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