गुरुग्राम हाउसिंग बोर्ड घोटाला: पूर्व सैनिक के 6.55 लाख हड़पे, फर्जी खाते से उड़ाई रकम

नईदिल्ली १६ फरवरी ।
गुरुग्राम। करीब 12 साल पहले गुरुग्राम में घर बनाने के लिए हाउसिंग बोर्ड में पूर्व सैनिक द्वारा जमा की गई सवा लाख रुपये की राशि हड़प कर ली गई। घर अलाट न होने पर हाउसिंग बोर्ड ने रुपये वापस भेजने की जानकारी दी, लेकिन वह रुपये कभी पूर्व सैनिक को मिले ही नहीं। 18 प्रतिशत ब्याज के साथ अब छह लाख 55 हजार रुपये बनते हैं। पूर्व सैनिक ने इसे वापस लेने के लिए कोर्ट कर दरवाजा खटखटाया। अब इस मामले में कई लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।गुरुग्राम के टीकली गांव के रहने वाले तेजराम ने शिकायत में कहा कि वह पूर्व सैनिक हैं। हाउसिंग बोर्ड हरियाणा ने 2014 में पालिसी घोषित की थी। इसके तहत उन्होंने भी दो लाख छह हजार रुपये देकर घर लेने के लिए आवेदन किया था।इसके बाद अप्रैल 2025 में उनसे तीन लाख 15 हजार रुपये और लिए गए। यह रुपये डीडी के माध्यम से दिए गए। इस तरह कुल पांच लाख 21 हजार रुपये हाउसिंग बोर्ड ने जमा कराए। कुछ दिन बाद हाउसिंग बोर्ड ने वह स्कीम बंद कर दी और जमा राशि वापस लेने के लिए सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक का एनओसी मांगा।यह एनओसी गुरुग्राम के सेक्टर चार स्थित ग्रामीण बैंक का जमा कराया गया। इसके बाद तेजराम ने कई बार राशि वापस करने के लिए हाउसिंब बोर्ड पंचकूला से संपर्क किया। बार-बार उन्हें रुपये वापस मिलने का आश्वासन मिलता रहा।सितंबर 2022 में हाउसिंग बोर्ड ने उन्हें बताया कि उनकी राशि छह लाख 55 हजार रुपये उनके बैंक खाते में भेज दिए गए। तेजराम ने कहा कि उन्हें रुपये कभी मिले ही नहीं। पत्राचार के दौरान बोर्ड के अकाउंटेंट शम्मी महरोत्रा ने बताया कि उन्हें यह रुपये हिसार की डिफेंस कालोनी के सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक के खाते में आरटीजीएस किए गए। उन्होंने कहा कि न तो उनका खाता हिसार की बैंक में है और न ही रुपये उन्हें मिले। इस दौरान उन्होंने हिसार की बैंक में उनके नाम से फर्जी खाता खुलवाने की बारे में जानकारी मिली। उन्होंने ग्रामीण बैंक और हाउसिंग बोर्ड के कुछ कर्मचारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया और राशि हड़पने की शिकायत की।

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