
लखनपुर में 2 वर्ष से गुरमीत की सक्रियता
कोरबा। गायों की सेवा करने को लेकर लोगों की अपनी अपनी मानसिकता है। सामाजिक धार्मिक और आर्थिक निर्भरता के अलावा परोपकार जैसी चीज इसके साथ जुड़ी हुई है। सडक़ दुर्घटनाओं में घायल होने वाली गायों की सेवा को ध्यान में रखते हुए कटघोरा के लखनपुर में सुरभि गौशाला का संचालन गुरमीत सिंह कर रहे हैं। अब तक उन्होंने कई गायों को बचाने में सफलता हासिल की है।
उनके इस काम में जागरूक लोग बराबर सहयोग कर रहे हैं। गोपालन को लेकर पिछले गुरमीत लगे हुए हैं लेकिन उन्होंने गौशाला की तरफ 2 वर्ष पहले ध्यान दिया। नेशनल हाईवे और आदि सडक़ों पर वाहनों की टक्कर से घायल होने वाले गायों की पूछ परख के मामले में ना तो पलक ध्यान देते हैं और ना दूसरे लोग। गुरमीत ने इस बात को ध्यान में रखा और गौ सेवा करना तय किया। उन्होंने लखनपुर में इसी इरादे से गौशाला खोली। वर्तमान में 250 के आसपास यहां पर जो गाये हैं वह सभी निशक्त हैं। गुरमीत ने बताया कि उनकी सेवा से जो संतुष्टि मिलती है उसे शब्दों में नहीं व्यक्त कर सकते। यह अच्छी बात है कि समाज में संवेदनशील लोगों की कमी नहीं है जो इस पुनीत कार्य में अपना सहयोग करते हैं।
पशु चिकित्सकों की मिलती है मदद
रोड एक्सीडेंट में घायल और दूसरे कारण से बीमार गोवंश को ठीक करने के मामले में वेटरनरी डॉक्टर और स्टाफ की सहायता लगातार मिलते रही है। लंबे समय से इस तरह के मामलों से साक्षात्कार होने के कारण गुरमीत ने बहुत कुछ सीख लिया है। क्षेत्र के कुछ युवाओं ने इस कार्य में उनकी मदद करना तय किया है। उन्हें लगता है कि गोवन संरक्षण के दावे से यह काफी अच्छा काम हो सकता है।
ऐसे मिली प्रेरणा
सिख समुदाय से वास्ता रखने वाले गुरमीत का परिवार मूल रूप से अखंड भारत के लाहौर का निवासी था। पूर्ववर्ती समय में उनके दादा बचे और फिर उन्होंने मौजूदा भारत के दिल्ली का रुख किया। सेना में नौकरी के बाद परिवार पूर्ववर्ती मध्य प्रदेश आ गया। गुरमीत ने बताया कि दूसरों को गौ सेवा करते देखा और पुस्तकों में इसके बहुत सारे लाभ की जानकारी मिली तो उन्हें यह सब काम करने की प्रेरणा मिली। गौ सेवा गतिविधि विभाग में वे जिला संयोजक की भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं।























