
जांजगीर-बिर्रा। बिर्रा थाना क्षेत्र के करही के अवैध रेत घाट में कार्रवाई के लिए पुलिस व राजस्व विभाग के हाथ पांव कांप रहे हैं। यहां कार्रवाई के लिए एक एक टीम जरूर बन रही है लेकिन टीम के अधिकारियों के हाथ पांव कांप रहे हैं। बीते दिनों अफसरों ने संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई करने की बात कही थी लेकिन आज तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं हो पाई। ऐसे में रेत माफियाओं के हौसले बुलंद है। करही रेत घाट में रेत माफिया अपनी हरकतों से बाज नहीं
आ रहे हैं। दरअसल, माफिया सत्ताधारी भाजपा से जुड़े और पूर्व विधायक के रिश्तेदार हैं। यही वजह है कि उन पर कार्रवाई के लिए अधिकारियों को हाथ पांव फूलने लगे हैं। यहां पहले रात-रात भर रेत की
अवैध तस्करी हो रही थी लेकिन अब दिन को भी रेत की तस्करी शुरू हो गई है। वहीं अधिकारी हाथ में हाथ धरे बैठे हैं। गौरतलब है कि जांजगीर चांपा जिला व सक्ती जिले के बार्डर पर स्थित गांव करही में रेत का भंडार है। जिसमें रेत माफियाओं की गिद्ध दृष्टि बनी हुई है। आज से 20 दिन पहले पत्रिका ने इसकी रात को लाइ?व रिपोर्टिंग की थी। इसके बाद दोनों जिलों के अधिकारियों ने संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई करने की बात कही थी। प्रशासन की इस कार्रवाई की हडक़ंप को देखकर रेत माफिया ने अवैध उत्खनन बंद कर दिया था।
भी प्रमुखता से प्रकाशित की थी। पत्रिका ने इस आशय की खबर जिससे रेत माफिया ने कारोबार बंद कर दिया था। इसके बाद 20 दिन तक वह चुप्पी साधे बैठा था। इसके बाद बीते दो तीन दिनों से वह फिर कालाकारोवार करते हुए रेत का अवैध उत्खनन शुरू कर दिया है। इस की खबर पत्रिका में छपते ही दोनों इस बात जिले के कलेक्टर एसपी ने घाट में कार्रवाई के लिए फिर से ने उक्त रेत संयुक्त टीम बनाई है और कार्रवाई करने के लिए योजना बना रहे हैं। लेकिन अब तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई।
अब देखना यह है कि अधिकारी उक्त फिर सत्ताधारी पार्टी के दबाव में रेत घाट में कार्रवाई कर पाते हैं या आकर चुप्पी साध लेंगे। रात के बाद दिन भर होने लगा धड़ल्ले से अवैध उत्खनन पहले रात रात भर अवैध उत्खनन का
खेल चलता था लेकिन अब रेत गए कि वे अब दिन में भी रेत का माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो अफसरों का कोई डर नहीं है। इसके पा अवैध उत्खनन करने लगे हैं।























