
चंडीगढ़। हरियाणा में पुलिस और राजस्व विभाग में सर्वाधिक भ्रष्टाचार मिला है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने इस साल भ्रष्टाचार से जुड़े कुल 251 मामले दर्ज किए। इनमें 147 ट्रैप/रेड केस शामिल हैं, जो पिछले 10 वर्षों में सर्वाधिक हैं। कुल 186 आरोपितों को गिरफ्तार कर मौके से एक करोड़ रुपये से अधिक बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपितों में 13 राजपत्रित अधिकारी, 150 कर्मचारी तथा 23 बिचौलिये शामिल हैं। औसतन हर माह लगभग 13 सरकारी कर्मचारी भ्रष्टाचार में गिरफ्तार किए गए। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के प्रमुख अजय सिंघल ने बताया कि भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें टोल फ्री नंबर 1800-180-2022, 1064 तथा वाट्सएप नंबर 94178-91064 पर दर्ज कराई जा सकती हैं। इस साल 147 मामले ट्रैप/रेड के माध्यम से तथा 104 मामले जांच एवं विशेष जांच के आधार पर दर्ज किए गए। निचले स्तर तक सीमित कार्रवाई के बजाय वरिष्ठ अधिकारियों पर फोकस किया है जो संगठित भ्रष्टाचार के नेटवर्क का संचालन करते हैं। जिन विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई, उनमें पुलिस विभाग के 44, राजस्व विभाग के 24, शहरी स्थानीय निकाय के 9, विद्युत विभाग के सात, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सात, विकास एवं पंचायत विभाग के छह, आबकारी एवं कराधान के पांच और नगर एवं ग्राम नियोजन के पांच आरोपित शामिल हैं। इसी तरह सहकारिता, सिंचाई और परिवहन विभाग के तीन-तीन, शिक्षा, पंचायती राज, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा और होमगार्ड्स के दो-दो तथा एचएसआइआइडीसी, हाउसिंग बोर्ड, एचएसवीपी, श्रम, कोष एवं लेखा, न्याय, निर्वाचन, ईएसआइसी, वन, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, पीडब्ल्यूडी, रेलवे, महिला एवं बाल विकास के कुल 15 अधिकारी/कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार की कार्रवाई की गई है।






























