उमर खालिद की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, दिल्ली दंगा भड़काने के आरोप में जेल में हैं बंद

नई दिल्ली। दिल्ली दंगों में आरोपित उमर खालिद, शरजील इमाम और गुलफिशा फातिमा की जमानत याचिकाओं पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।

दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती

जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ आरोपितों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई कर सकती है, जिन्होंने दो सितंबर के दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। हाई कोर्ट ने इस मामले में खालिद और शरजील इमाम समेत नौ लोगों को जमानत देने से इनकार कर दिया और कहा कि नागरिकों द्वारा विरोध प्रदर्शनों की आड़ में षड्यंत्रकारी हिंसा की अनुमति नहीं दी जा सकती।

इन लोगों की जमानत याचिका खारिज की गई

जिन लोगों की जमानत याचिका खारिज की गई उनमें खालिद, इमाम, फातिमा, मोहम्मद सलीम खान, शिफा उर रहमान, अतहर खान, मीरान हैदर, अब्दुल खालिद सैफ़ी और शादाब अहमद शामिल हैं। एक अन्य आरोपित तस्लीम अहमद की जमानत याचिका दो सितंबर को हाई कोर्ट की एक अलग पीठ ने खारिज कर दी थी।

एडीजे की नियुक्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट आज करेगा सुनवाई

एक पांच सदस्यीय संविधान पीठ शुक्रवार को इस मामले पर सुनवाई करेगी कि क्या कोई न्यायिक अधिकारी जोकि नियुक्ति से पहले बार में सात वर्ष पूरे कर चुका हैं, रिक्त पद के मद्देनजर अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे) बनने का हकदार है।

चीफ जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस एमएम सुंदरेश, जस्टिस अरविंद कुमार, जस्टिस एससी शर्मा और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ इस मामले को देखेगी। 12 अगस्त को सीजेआइ गवई, जस्टिस विनोद चंद्रन और जस्टिस अंजारिया की पीठ ने यह स्पष्ट किया था कि इस मामले में संविधान के अनुच्छेद 233(2) की व्याख्या से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्न शामिल हैं। अनुच्छेद 233 जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित है। पीठ ने कहा था- ”हम उपरोक्त मुद्दों को इस न्यायालय के पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के समक्ष विचारार्थ भेजते हैं।”

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