
इजरायल, 10 मार्च ।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। चाहे इजरायल-अमेरिका हो या फिर ईरान कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। दोनों एक-दूसरे पर लगातार मिसाइलें दाग रहे हैं। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बच जारी तनाव ने मिडिल ईस्ट में संकट खड़ा कर दिया है।
जंग में खाड़ी देशों पर भी मिसाइल और ड्रोन से हमले हो रहे हैं। ईरान ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, इराक, कुवैत समेत कई देशों में मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया है। जिसके चलते तनाव और अधिक बढ़ गया है। ईरान उन खाड़ी देशों को लगातार निशाना बना रहा है, जहां पर अमेरिका के एयरबेस हैं। अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर किए हमले के बाद हिजबुल्लाह ने भी ईरान की ओर से मिसाइलें और ड्रोन से हमले करने शुरू कर दिए। हिजबुल्लाह ने एक के बाद एक इजरायल में कई धमाके किए। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में इजरायली सेना ने भी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले किए। वहीं, ईरान ने यूएई में कई जगहों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। हीं, खबर यह भी है कि इराक में यूएई के दूतावास पर भी हमला हुए है। यूएई में हुए हमले के बीच भारत में संयुक्त अरब अमीरात के पहले राजदूत हुसैन हसन मिर्जा अलसयेघ ने पीएम मोदी को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। यूएई के राजदूत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के एक फोन कॉल से स्थिति शांत हो सकती है। संयुक्त अरब अमीरात के राजदूत हुसैन ने मिडल ईस्ट में जारी तनाव कहा, ईरान का पड़ोसी होने के बावजूद, संयुक्त अरब अमीरात के पास ईरान-इजरायल संघर्ष में शामिल होने का कोई कारण नहीं है। यूएई दोनों पक्षों के साथ संबंध बनाए रखता है और अब्राहम समझौते के तहत इजरायल के साथ भी उसकी साझेदारी है।
इजरायली सेना ने कहा कि उसकी वायुसेना ने दर्जनों ठिकानों पर हमला किया, जिनमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर से संबंधित ड्रोन मुख्यालय भी शामिल है। इजरायली सेना के अनुसार, पहले भी इस ठिकाने से इजरायल की ओर ड्रोन दागे गए थे और लॉन्च के लिए तैयार अतिरिक्त ड्रोन वहां रखे गए थे। इजरायली सेना द्वारा किए गए ताजा हमले में ईरान के कई ड्रोन भंडारण सुविधाओं और वायु रक्षा प्रणालियों को भी निशाना बनाया गया। ईरान के खिलाफ जारी कार्रवाई को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, हमने कई मायनों में जीत हासिल कर ली है, लेकिन अभी पर्याप्त जीत नहीं मिली है।
हम पहले से कहीं अधिक दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं ताकि अंतिम विजय प्राप्त कर सकें और इस लंबे समय से चले आ रहे खतरे को हमेशा के लिए समाप्त कर सकें।”

















