
जांजगीर-चांपा। बौद्ध चिन्तक, शिक्षाविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता ग्राम बुड़ेना नवागढ़ निवासी हिरेन्द्र बौद्ध को उनके असाधारण योगदान के लिए मानद डाक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान मैजिक आर्ट यूनिवर्सिटी पंजाब द्वारा आयोजित एक विशेष दीक्षांत समारोह में प्रदान किया गया। आयोजन के दौरान उपाधि स्वीकार करते हुए डा. बौद्ध ने कहा कि यह सम्मान मेरे लिए नहीं, उन लाखों बच्चों के लिए है जो आज भी अंधेरे में शिक्षा की प्रतीक्षा कर रहे हैं। मैं इसे सामाजिक परिवर्तन की नई शुरुआत मानता हूँ। वर्तमान में हिरेन्द्र बौद्ध लद्दाख के एक प्रसिद्ध बौद्ध स्कूल में बच्चों को बतौर शिक्षक शिक्षा प्रदान करने का कार्य कर रहे है। इन्होंने शिक्षा, बौद्ध चिंतन एवं समतामूलक समाज की स्थापना पर गहन शोध कार्य किए हैं। उनकी पुस्तकें बौद्ध धर्म और सामाजिक क्रांति, डा. आंबेडकर का दर्शन और वर्तमान भारत तथा शिक्षा समता का सशक्त हथियार देश-विदेश के विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रम का हिस्सा बन चुकी हैं। उनके द्वारा नि:शुल्क धम्म पद का वितरण किया गया है जिसके तहत बुद्ध के धम्म को घर घर पहुचाने के लिए धम्म पद, बुद्ध धम्म के अन्य सैकड़ों पुस्तकें बाटे गये है। इसी तरह से महाबोधि के लिए यात्रा के तहत हिरेन्द्र बौद्ध ने छत्तीसगढ़ व महाराष्ट्र के कई जिलों में जागरूकता अभियान चलाया है। इस उपाधि के लिए हिरेन्द्र बौद्ध के माता हीरा बौद्ध, पिता तोरेन्द्र बौद्ध, दादा बिसाहू लाल बौद्ध, दादी गेंदा बौद्ध, जांब बाई बौद्ध, चंद्रिका रामनारायण बौद्ध, संगीता, सुधीर बौद्ध, हितेश, दीक्षा बौद्ध, ऋषभ, रत्नेश, विरांश, राहुल, शिल्पा, उत्तम, चेतन सहित राज्य भर के सभी बौद्धिस्टों ने हिरेन्द्र बौद्ध को मिले सम्मान के लिए बधाई व शुभकामना प्रेषित किये है।

























