
कोरबा। डिजिटल जनगणना 2027 की प्रथम चरण की तैयारी चल रही है। 1 मई से गिनती शुरू होने पर परेशानी न हो, इसके लिए निगम क्षेत्र में मकानों की नंबरिंग शुरू हो गई है। इसके लिए नक्शा तैयार होगा। इस बार गिनती में चूल्हे को भी आधार बनाएंगे। एक मकान में चार चूल्हे जल रहे हैं, तो चार ईकाई मानेंगे।
जिले में 16 साल बाद हो रही जनगणना कई मायनों में अलग होगी। पहली बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल मॉडल पर आधारित होगी। सभी प्रकार का डेटा मोबाइल एप से जुटाएंगे और लोगों की जानकारी गोपनीय रखेंगे। वहीं लोग खुद भी अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकेंगे। जनगणना दो चरणों में होगी। पहले चरण में मई से मकान सूचीकरण का काम शुरू होगा। इसमें भवन, मकानों की संख्या, उसके उपयोग की जानकारी दर्ज की जाएगी। इसी के तहत मकान नंबरिंग की शुरुआत वाडों में की है। हर 180 से 200 मकानों पर एक प्रगणक नियुक्त किया जाएगा। इनकी ट्रेनिंग अप्रैल में ही होगी। जिले में 2353 प्रगणकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा 246 रिजर्व रखे गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी मकानों की नंबरिंग का काम शुरू नहीं हुआ है।जनगणना में 33 बिंदुओं की जानकारी ली जाएगी। इसमें मकान, कच्चा या पक्का, फर्श की मुख्य सामग्री, परिवार की कुल संख्या, जाति, विवाहित जोड़ों की संख्या, पीने के पानी का स्रोत, टॉयलेट, बिजली का स्रोत, पानी निकासी, रसोईघर, एलपीजी कनेक्शन, रेडियो, ट्रांजिस्टर, टीवी, इंटरनेट, वाहन, परिवार के मुख्य अनाज की जानकारी जुटाई जाएगी।




















