
एसईसीएल से आपूर्ति के लिए किया है करार कंपनी ने
कोरबा। छत्तीसगढ़ की सरकारी बड़ी परियोजना एचटीपीएस कोरबा वेस्ट से विस्तारित इकाई सहित 1340 मेगावाट बिजली उत्पादित की जा रही है। संयंत्र के परिचालन के लिए विद्युत कंपनी कोयला के मामले में एसईसीएल पर निर्भर है। उपलब्धता आसान बनाने के लिए उसने एमओयू किया हुआ है।
एचटीपीएस की कुल पांच इकाईयां वर्तमान में प्रभावशील हैं। ये सभी मिलकर प्रदेश की बड़ी ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने में अपनी भूमिका निभा रही है। सडक़ मार्ग से कोयला की आपूर्ति भी इस प्लांट को की जा रही है। दूसरे माध्यम भी प्रचालित हैं। जबकि मैदानी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए विद्युत कंपनी ने प्लांट से एसईसीएल कुसमुंडा के साइलो तक 9 किलोमीटर लंबा कन्वेयर बेल्ट सिस्टम विकसित किया है। यह अपने आपमें एक बड़ा प्रयोग रहा। हालांकि इस तरह की व्यवस्था बीते वर्षों में भी थी लेकिन नए दौर में इसे अपग्रेड किया गया। प्रबंधन ने बताया कि वर्तमान में कन्वेयर बेल्ट सिस्टम से प्रतिदिन 25 हजार टन कोयला की उपलब्धता संयंत्र को हो रही है। इसके लिए बाह्य कोयला हस्तांतरण संभाग का सेटअप पहले से है और अधीक्षण अभियंता स्तर के अधिकारी इसे हेंडल कर रहे हैं।
प्रबंधन ने बताया कि संयंत्र की कुल उत्पादन क्षमता के मामले में कोयला की जितनी आवश्यकता है उसकी पूर्ति नियमित रूप से हो रही है और इस मामले में फिलहाल किसी तरह की चुनौतियां नहीं हैं। कोयला की उपयोगिता के बाद उत्सर्जित होने वाली फ्लाईऐश के सुरक्षित भंडारण के लिए समग्र व्यवस्थाएं की गई है। पर्यावरणीय मानकों को ध्यान में रखते हुए ऐश पॉंड को हमेशा नमीयुक्त रखा जा रहा है ताकि जन स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का सामना आसपास की आबादी को न करना पड़े।






























