
डीएमएफ के पांच करोड़ खर्च हुए हैं इस योजना पर
कोरबा। भारत सरकार के आकांक्षी विकासखंड में शामिल पोड़ी उपरोड़ा में 100 एकड़ जमीन को सिंचाई सुविधा का लाभ तब नहीं मिल पा रहा है, जब वहां लगभग 6 करोड़ रुपए की राशि से संसाधन की व्यवस्था की गई। जिला खनिज न्यास से इसका इंतजाम किया गया। मामला सामने आने के बाद अब इसे दिखवाने की बात की जा रही है।
खबर के अनुसार कोरबा में एसईसीएल और दूसरे उद्योगों से मिलने वाली रायल्टी से तैयार किए गए डीएमएफ का अच्छा पैसा इस योजना को क्रियान्वित करने में खर्च किया गया। किसानों को दोहरी फसल दिलाने के लिए सिंचाई सुविधा देने पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के सलिहाभाठा में क्रेडा विभाग ने लिफ्ट एरिगेशन पर काम किया है। इसके पीछे उद्देश्य था कि आसपास के कम से कम 100 एकड़ कृषि भूमि को सिंचित किया जाए। क्रेडा ने इस पर लगभग 6 करोड़ रुपए खर्च किए। कामकाज होने पर भी क्षेत्र के किसानों को इसका लाभ एक बार भी नहीं मिला। जानकारी मिली कि स्थानीय जनप्रतिनिधि व सरपंच के माध्यम से भूमि पूजन कर इस कार्य का शुरुआत की गई। अधिकारियों की उपस्थिति में टेक्निकल ट्रायल भी किया गया। लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि आगे यह सुचारू रूप से संचालित होती। महज कुछ दिनों मे मशीन खराब हो गई। काफी दिनों बाद रिपेयर कराया गया लेकिन फिर भी किसानों को लाभ नहीं मिल रहा, किसानों के सैंकड़ो एकड़ मे लगे सरसो की $फसल खराब हो रही है। अब यह बात प्रशासन तक पहुंची है जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों ने संज्ञान लिया है।
सूत्रों ने बताया कि जिला प्रशासन ने राज्य अक्षय ऊर्जा प्राधिकरण को इससे अवगत कराया और सवाल-जवाब किया। जिस पर क्रेडा ने किसी कंसलटेंसी के जरिए 15 दिन में खराबी दूर कराने की बात कही। देखना होगा कि इस अवधि में लिफ्ट एरिगेशन पटरी पर लौटती है या नहीं।

























