पाकिस्तान में सैकड़ों अल्पसंख्यक ईशनिंदा कानून के दुरुपयोग का शिकार, मानवाधिकारों पर संकट गहराया

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों के मानवाधिकारों का संकट दिनों दिन गहराता जा रहा है। मानवाधिकार राष्ट्रीय आयोग की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक लोगों को प्रताड़ित करने के लिए ईशनिंदा कानून का जमकर दुरुपयोग किया जा रहा है।

दावा किया गया है कि 450 लोग इसी आरोप में वर्षों से सिंडिकेट के चंगुल में फंसे हुए हैं। उनमें से 10 ईसाई हैं, जिसमें से पांच प्रताड़ना झेलते हुए मौत की कगार पर पहुंच चुके हैं। सिंडिकेट को ईशनिंदा गैंग भी कहा जाता है, जो निहित स्वार्थ में ईशनिंदा के आरोप लगाकर ज्यादातर युवाओं को अपने चंगुल में फंसा लेता है। अग्रणी एशियाई स्वतंत्र कैथोलिक मीडिया सर्विस – यूनियन आफ कैथोलिक एशियन (यूसीए) की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल जुलाई में इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने 101 पीड़ित परिवारों की याचिका पर सुनवाई करते हुए संघीय सरकार को आदेश दिया था कि राष्ट्रीय राजधानी में ईशनिंदा कानून के दुरुपयोग की जांच के लिए आयोग बनाया जाए।

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