ऊर्जा ठिकानों पर हमलों का असर, होर्मुज जलडमरूमध्य खुलवाने में मदद करेंगे छह देश

वाशिंगटन, २० मार्च ।
एक दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खत्म करने की धमकी दी थी। अब लगता है कि अमेरिका के छह सहयोगी देश भी सक्रिय हो गए हैं और ये देश बाधित होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाने के लिए अमेरिका की मदद कर सकते हैं। इन देशों ने ऐसे समय मदद करने की बात कही है, जब ऊर्जा ठिकानों पर हमले बढ़े हैं और गुरुवार को दुनिया के सबसे बड़े गैस प्लांट को ईरान ने निशाना बनाया। इन हमलों के चलते दुनियाभर में गैस और तेल का संकट हो सकता है। मदद करने का वादा करने वाले देशों में ब्रिटेन, जापान, नीदरलैंड्स, इटली, जर्मनी और फ्रांस शामिल हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने दुनिया के कई देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य खुलवाने की अपील की थी, लेकिन सभी देशों ने उनकी अपील पर मदद करने से इनकार कर दिया था। हालांकि अब जब वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा रहा है तो ये देश मदद के लिए तैयार हो गए हैं। इसके चलते ईरान पर दबाव बढ़ सकता है। अमेरिकी मीडिया के हवाले से अल जजीरा ने बताया है कि अमेरिका ईरान युद्ध में और सैनिक और युद्धपोत भेजने की योजना बना रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका एफ-35 लड़ाकू विमान, बख्तरबंद गाडिय़ां, मिसाइलें पश्चिम एशिया भेजने की योजना बना रहा है। कतर में दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी प्लांट रास लफ्फान पर ईरान के हमले के बाद इसका पूरी दुनिया पर व्यापक असर पड़ सकता है। पेरिस के सेंटर ऑन ग्लोबल एनर्जी पॉलिसी का मानना है कि इसकी मरम्मत में लंबा समय लग सकता है। सेंटर के विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी मरम्मत में महीनों लग सकते हैं।
ऐसा अनुमान है कि रास लफ्फान इस साल के आखिर तक शायद शुरू नहीं हो पाएगा। इसमें पांच साल भी लग सकते हैं और ऐसे में दुनियाभर में गैस की कीमतों में बड़ा उछाल आ सकता है। ईरान ने दावा किया कि उन्होंने अमेरिका के आधुनिक एफ-35 लड़ाकू विमान को निशाना बनाया है। यह अमेरिका के सबसे मूल्यवान, आधुनिक और ताकतवर लड़ाकू विमानों में से एक है और इसे अमेरिका की पांचवीं पीढ़ी की युद्धक क्षमताओं की रीढ़ माना जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका के रक्षा अधिकारियों ने बताया कि ईरान द्वारा सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों से उनके एफ-35 लड़ाकू विमान को आपात लैंडिंग करनी पड़ी। विमान का पायलट सुरक्षित है और इस घटना की जांच की जा रही है।
ईरान का दावा है कि हमले के बाद लड़ाकू विमान क्रैश हो गया। इस्राइली सेना ने अपने फारसी भाषा वाले सोशल मीडिया अकाउंट पर कहा कि ये हमले तेहरान में आतंकवादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं, हालांकि उन्होंने इसके सबूत या विस्तार नहीं बताए। इस्राइल की वायु सेना ने पहले ही बताया कि पिछले 24 घंटों में उसके विमान ईरान के पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में 130 से अधिक इन्फ्रास्ट्रक्चर लक्ष्यों पर दर्जनों हमले कर चुके हैं। सेना ने कहा कि वायु सेना लगातार बिना रुके हमले कर रही है। इराकी समूह सराया अव्लिया अल-दम ने अपने टेलीग्राम चैनल पर पोस्ट में कहा कि उन्होंने पिछले 24 घंटों में देश भर में अमेरिकी ठिकानों पर तीन हमले किए।

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