अंबेडकरनगर में फर्नीचर व्यवसायी की फावड़े से वार कर निर्मम हत्या, संदिग्ध आरोपी का नहर किनारे मिला शव

अंबेडकरनगर, 0६ मार्च ।
फर्नीचर व्यवसायी सुरेंद्र कुमार मांझी की फावड़े से हमलाकर हत्या कर दी गई। पुलिस सुरेंद्र की हत्या करने में संदिग्ध आरोपित मानकर अरविंद प्रजापति की तलाश करने निकली तो दूसरे दिन सुबह इनका भी शव नहर के किनारे मिला। ऐसे में दोनों के मौत की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को तीसरे किरदार चंदू की तलाश है। पुलिस चंदू के रिश्तेदारों को उठाकर पूछताछ कर चुकी है। इन्हें छोड़ दिया गया है। ऐसे में माना जाता है कि पुलिस के हाथ चंदू तक पहुंच चुके हैं। चंदू वही युवक है,जिसने अरविंद की पत्नी के मोबाइल से अंतिम कॉल सुरेंद्र को किया था। हालांकि पुलिस अभी किसी तथ्य को उजगार करने से चुप्पी साधे है।टांडा के नेहरूनगर मुहल्ले में रसूलपुर गांव के मार्ग पर मांझी फर्नीचर एंड संस के मालिक छज्जापुर के फर्नीचर कारोबारी सुरेंद्र कुमार मांझी मंगलवार को जनार्दनपुर गांव गए थे। वहां अज्ञात हमलावरों ने उन पर फावड़े से हमला कर दिया। सिर, गर्दन एवं चेहरे समेत शरीर में कई जगहों पर गंभीर चोटे आई। हमलावर उन्हें मरणासन्न अवस्था में छोडक़र फरार हो गए।
ग्रामीणों ने उन्हें गंभीरावस्था में पड़ा देख जानकारी ग्राम प्रधान को दी। ग्राम प्रधान ने पुलिस को सूचित किया। आनन-फानन में उन्हें महामाया मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधीक्षक अभिजित आर. शंकर, एएसपी हरेंद्र कुमार, क्षेत्राधिकार शुभम कुमार, निरीक्षक दीपक सिंह रघुवंशी ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। मृतक की बाइक संदिग्ध हालात में घटनास्थल से पहले कुछ दूर पर लावारिस खड़ी मिली थी। खेत में पुलिस को संघर्ष के निशान भी मिले थे। घटनास्थल से खून से सना फावड़ा बरामद हुआ। पुलिस को घटना के बाबत अहम सुराग मिले। घटना के दिन अरविंद प्रजापति की पत्नी के मोबाइल से सुरेंद्र को फोन कर बुलाया गया था। जिसके बाद उसकी हत्या हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने संदिग्ध हंसवर के एकडल्ला गांव के अरविंद प्रजापति की तलाश में निकली थी। उसके नहीं मिलने पर उसकी पत्नी गीता देवी को पूछताछ के लिए रात करीब 12 बजे थाने लेकर आयी थी,हालांकि पूछताछ के बाद घर उसे पहुंचा दिया था। दूसरे दिन सुबह में गीता के पति अरविंद का शव इस्माइलपुर बेलदहा के अकूतपुर नहर के किनारे मिला। पूछताछ के दौरान मिश्रौलिया गांव के चंदू का नाम भी सामने आया। बताया जाता है कि चंदू के कहने पर सुरेंद्र मांझी को जनार्दनपुर गांव बुलाया गया था। घटना के बाद से ही छांगुरपुर मिश्रौलिया गांव का चंदू घर से फरार है। पुलिस ने चंदू के पिता छोटेलाल, भाई जितेंद्र व सर्वेस को उठाया है। इसके बाद छोड़ दिया गया।वहीं पुलिस ने मृतक अरविंद प्रजापति की पत्नी गीता देवी को एक बार फिर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पहले सुरेंद्र मांझी की हत्या और फिर अरविंद का शव मिलना, अब दोनों वारदात की गुत्थी उलझ गई है।
पुलिस को अब तीसरे व्यक्ति चंदू की सरगर्मी से तलाश है। जिसका संबंध इन दोनों वारदात से माना जा रहा है।सुरेंद्र मांझी के गले से करीब 50 ग्राम की सोने की चेन और उनके पास रहे करीब डेढ़ लाख रुपये भी गायब हैं। वहीं स्वजन के मुताबिक वह घर से रुपये लेकर निकले थे। चर्चा है कि सोने की चेन पर ही निगाहे टिकी थी। योजनबद्ध तरीके से हत्या कर चेन लूट लिया गया। रसूलपुर गांव के मार्ग पर सुरेंद्र के तीन मंजिला भवन में मांझी फर्नीचर एंड संस के नाम से कारखाने व गोदाम में स्थित है। बताया जा रहा है कि एक सप्ताह के अंदर अरविंद की पत्नी के मोबाइल से सुरेंद्र को तकरीबन 11 बार फोन किया गया था। घटना के दिन भी गीता के मोबाइल से सुरेंद्र को आखिरी कॉल गई थी।
इसी आधार पर शक के दायरे में होने पर गीता से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। हालांकि गीता ने पति अरविंद के दोस्त चंदू द्वारा ये कॉल करना बताया है।फरीदाबाद में रहकर अरविंद राजगीर का काम करता है। अभी दस दिन पहले ही गांव आया था। सुरेंद्र की मौत के दिन वह सुबह किसी काम से बाहर निकला और शाम तक नहीं लौटा। दूसरे दिन उसका शव मिला है। मृतक के मुंह से झागनुमा तरल बहता दिखा। ऐसे में असमान्य मौत लगती है। पोस्मार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर विसरा सुरक्षित किया गया है। बताते चलें कि अरविंद का भाई रतनलाल भी कई वर्षों से लापता है।अगल-बगल गांव के चंदू और अरविंद गहरे दोस्त बताए जाते हैं। चंदू जुआ खेलने और लकड़ी काटने का काम करता है। इसके चलते फर्नीचर व्यवसायी सुरेंद्र के संपर्क में चंदू आया था।सुरेंद्र मांझी की हत्या में छोटे भाई पप्पू मांझी की तहरीर पर पुलिस ने संदिग्ध मोबाइल नंबर के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया है। कोतवाल दीपक सिंह रघुवंशी ने इसकी पुष्टि करके बताया कि दूसरी घटना में मृतक अरविंद की पत्नी गीता देवी ने आरोपित चंदू के विरुद्ध नामजद तहरीर दी है।सुरेंद्र मांझी के संयोजन में ही प्राइवेट गोताखोरों की टीम नदी में डूबने वाले लोगों के शवों की तलाश करने का काम करती थी। वह स्वयं टीम के संरक्षक के रूप में कार्य करते थे। प्राइवेट गोताखोरों की टीम को असमय नदी में गिरने समेत डूबने वालों की जान बचाने का श्रेय भी हासिल है। सुरेंद्र मांझी हर तबके में लोकप्रिय रहे हैं। उन्हें लोग उनके सरल स्वभाव के लिए जानते थे।सुरेंद्र मांझी की हत्या व अरविंद की मौत का अनावरण शीघ्र किया जाएगा। संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है,जो भी तथ्य विवेचना में सामने आ रहे हैं, सभी बिंदुओं पर पुलिस टीमें गहनता से जांच कर रही है। शुभम कुमार, क्षेत्राधिकारी

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