भिवानी। मनीषा की मौत के मामले में जजपा नेता एवं आंदोलन कमेटी के सदस्य विजय गोठड़ा ने एक बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि मौत से पहली वाली रात मनीषा की अपने एक दोस्त के साथ वॉट्सऐप पर लंबी चैट हुई थी। यह चैट रात दस से लेकर देर रात करीब दो बजे तक हुई।चैटिंग में उसी तरह के रोमन शब्दों का प्रयोग किया हुआ है, जिसमें सुसाइड नोट लिखा हुआ है। रोहतक में पोस्टमार्टम कराने वाले दिन उनके साथ दो विशेषज्ञ भी थे जिन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को पूरी तरह समझा और स्वजन व कमेटी को जानकारी दी।उन्होंने कहा कि सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग का मिलान उसके घर से मिले मनीषा के नोट्स और उसके स्कूल में जमा करवाए पत्र से किया गया है। जोकि एक जैसे हैं। साथ ही दावा किया कि यह सब मनीषा के स्वजन को पता है। कोई भी आत्महत्या जैसा कदम आसानी से नहीं उठाता। इसके पीछे कोई न कोई बड़ी वजह होती है।हालांकि, गोठड़ा ने यह भी कहा कि चैट को सार्वजनिक नहीं करना चाहिए। गोठड़ा के दावे पर मनीषा के स्वजन की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस संबंध में एक प्रशासनिक अधिकारी ने जागरण संवाददाता से चैट मिलने की बात को स्वीकारा है। मगर यह भी कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसी बात बाहर नहीं आनी चाहिए थी।मनीषा की मौत को लेकर बिगड़ी स्थिति के लिए जजपा नेता गोठड़ा ने पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है।उनका कहना है कि पुलिस की टाइमिंग गलत रही। अगर समय रहते पुलिस सबूतों को सार्वजनिक कर देती तो यह स्थिति नहीं बनती। 13 अगस्त को शव मिलने के साथ ही सुसाइड नोट मिल गया था।16 अगस्त को यह भी पता लग गया था कि मनीषा ने एक दुकान से पेस्टीसाइड (कीटनाशक) खरीदा था। ये बातें पुलिस लोगों को उसी वक्त बताती रहती तो लोग धीरे-धीरे सोचते। मगर पुलिस ने एकदम से सारी चीजें बताईं जो लोगों को हजम नहीं हुई।तब तक यह एक बड़ा मुद्दा बन चुका था।सारी मेडिकल रिपोर्ट और जांच से यह सच सामने आ चुका है कि मनीषा ने कीटनाशक दवा पी थी।