गाजा पट्टी में इजरायल ने फिर बरपाया कहर, हमले में गई 52 लोगों की जान; युद्ध विराम से भी किया इनकार

दीर अल-बलाह। गाजा पट्टी में सोमवार को इजरायली हमलों में 52 लोग मारे गए, जिनमें एक स्कूल में शरण लिए 36 लोग भी शामिल हैं। कई अन्य घायल हुए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने दावा किया कि जब हमला किया गया, उस समय सभी सो रहे थे। वहीं, इजरायली सेना ने कहा कि उसने स्कूल से गतिविधियों को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को निशाना बनाया है। गाजा में सहायता पहुंचाने के लिए तैयार अमेरिकी समर्थित फाउंडेशन के प्रमुख ने हमले के बाद अप्रत्याशित रूप से इस्तीफा दे दिया, उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान मानवीय सिद्धांतों को कायम नहीं रख सकते, क्योंकि स्कूल की इमारत पर हमले में कई फलस्तीनी मारे गए हैं।

गाजा पर पूर्ण नियंत्रण कि योजना बना रहा इजरायल

इजराइल का कहना है कि वह गाजा पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने की योजना बना रहा है और 20 लाख से अधिक आबादी के स्वैच्छिक प्रवासन की सुविधा प्रदान करना चाहता है। योजना का फलस्तीनी विरोध कर रहे हैं। इस बीच, फलस्तीनी शरणार्थियों के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी का कहना है कि इजरायली प्रदर्शनकारियों ने पूर्वी यरुशलम में उसके परिसर में घुसपैठ की है। इसमें एक संसद सदस्य भी शामिल है। हमास के एक करीबी फलस्तीनी अधिकारी ने सोमवार को बताया कि हमास ने गाजा में युद्ध विराम के लिए अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकाफ के प्रस्ताव पर सहमति जताई है, जिससे युद्ध को रोकने का रास्ता साफ हो सके। नए प्रस्ताव में दस बंधकों की रिहाई और 70 दिनों के युद्ध विराम की बात कही गई है।

इजरायल ने युद्ध विराम से किया इनकार

एक इजरायली अधिकारी ने कहा कि युद्ध विराम का प्रस्ताव वाशिंगटन का है। कोई भी इजरायली सरकार इसे स्वीकार नहीं कर सकती। वहीं, अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकाफ ने इस बात को खारिज कर दिया कि हमास ने बंधक सौदे और गाजा में युद्ध विराम के लिए उनके प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। 

RO No. 13467/10