इंदिरा नगर में लोगों को खुद हटाना होगा अवैध निर्माण, वरना 30 से तोडफ़ोड़

विरोध और प्रशासन का आश्वासन नहीं आया काम इस मामले में
कोरबा। साउथ ईस्टर्न सेंट्रल रेलवे की ओर से उन सभी विकल्पों को हासिए पर कर दिया गया है, जो कोरबा के इंदिरा नगर दुरपा रोड में उसकी जमीन पर अवैध कब्जा से संबंधित थे। रेलवे ने इस इलाके की एक निश्चित सीमा में काबिज लोगों को 24 दिसंबर तक हर हाल में हटने और अपने निर्माण हटाने को कहा है। वह अन्य स्थिति में 30 दिसंबर से यहां बुलडोजर के साथ तोडफ़ोड़ की कार्यवाही शुरु करेगा।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे कोरबा सेक्शन के वरिष्ठ अनुभाग अभियंता की ओर से एक रिमांडर हाल में ही जारी किया गया। रेलवे ने कहा कि 705/08 से लेकर 705/10 किलोमीटर क्षेत्र में लोगों ने जो अवैध निर्माण कर रखा है उसे 24 दिसंबर 2025 तक आवश्यक रूप से हटा लें। यह निर्माण रेलवे की भूमि पर किया गया है। तय समय सीमा तक अतिक्रमण नहीं हटाने की स्थिति में रेलवे प्रशासन यहां बुलडोजर चलाएगा। इस दौरान होने वाले नुकसान और अन्य परेशानियों की जिम्मेदारी लोगों की होगी। प्रशासन को इस बारे में रेलवे ने अभी से अवगत करा दिया है। पुलिस के साथ आरपीएफ को भी मामले की जानकारी दी गई।
रेलवे ने एनसीआर 2025 के अंतर्गत यह रिमांइडर अपनी जमीन पर काबिज मोहम्मद मुलाजिम सहित अन्य सभी लोगों को जारी किया है। रेलवे के पिछले नोटिस के बाद लोगों ने यहां-वहां कोशिश की कि उन्हें राहत के साथ दूसरी सुविधाएं दी जाए। रेलवे स्टेशन पहुंचकर बातचीत करने के अलावा दो दिन पहले लोगों ने ओवरब्रिज के नीचे चक्काजाम किया था। इस दौरान प्रशासन की ओर से एक अधिकारी ने पहुंचकर इन लोगों को आश्वस्त किया था कि हम रेलवे के अधिकारियों से बातचीत करेंगे। जब तक पूरे मामले में बात नहीं हो जाती, अगली कार्यवाही नहीं होगी। लेकिन इसी के साथ 17 दिसंबर को रेलवे ने तमाम रास्तों पर बेरियर लगाते हुए नोटिस जारी कर लोगों को बता दिया है कि वह अपने कदम पर अडिग है और निश्चित रूप से अपनी जमीन को मुक्त कराएगा ताकि प्रयोजन सिद्ध हो सके।
रेलवे के हालिया नोटिस के बाद क्षेत्र में ऐसे सभी लोग परेशान हैं जो 705/8 से लेकर 705/10 किलोमीटर के हिस्से में बसे हुए हैं। याद रहे कि इन लोगों ने लगातार दावे किए कि वे वर्षों से जमीन पर काबिज हैं और ऐसे में उनका दावा तो बनता ही है।

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