भोपाल। मध्य प्रदेश में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण मिले, इसके लिए भाजपा, कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक दल एकमत हो गए हैं। इस संबंध में गुरुवार को भोपाल में मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित सर्वदलीय बैठक में एक साझा संकल्प भी पारित किया गया।

मुख्यमंत्री आवास पर हुई सर्वदलीय बैठक

सभी दलों ने ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई और विधायिका, कार्यपालिका व न्यायपालिका सभी स्तरों पर मिलकर प्रयास करने का निर्णय लिया।

उधर, पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने एक्स पर लिखा कि सर्वदलीय बैठक बुलाना जनता को गुमराह करने का षड्यंत्र है। कांग्रेस सरकार पहले ही 27 प्रतिशत आरक्षण लागू कर चुकी है तो बैठक की जरूरत ही क्यों पड़ी? उल्लेखनीय है कि मार्च 2019 में कमल नाथ सरकार ने ओबीसी आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया था।

कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक हो जाने के कारण मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने रोक लगा दी थी। सितंबर, 2021 में सरकार ने महाधिवक्ता के अभिमत पर ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की अनुमति दी। इस पर हाई कोर्ट ने अगस्त, 2023 में 27 में से 13 प्रतिशत पद होल्ड रखने को कहा। फरवरी, 2025 में राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका प्रस्तुत की।