सोनीपत में पंचायती जमीन नहीं मिलने पर कब्रिस्तान में ही लगा दिया ओपन जिम, अब जमकर हो रहा विवाद

सोनीपत, १७ अक्टूबर ।
गांवों में विकास कार्यों के नाम पर किस तरह से कमीशनखोरी का खेल खेला जाता है। अधिकारियों व ठेकेदरों से साठगांठ कर कमीशन की बंदरबांट का एक बड़ा उदाहरण सामने आया है। गांवों में युवाओं को सेहतमंद बनाने के लिए ओपन जिम लगाए जा रहे हैं, लेकिन ब्लाक समिति के कोटे से अधिकारियों ने गांव थरिया के कब्रिस्तान में दफनाए गए लोगों की कब्रों के ऊपर ही ओपन जिम की मशीनें लगवा दी। मशीनें मिट्टी में गाड़ दी गईं, लेकिन यहां कोई फर्श नहीं बनाया गया। गांव से एक किलोमीटर दूर होने के कारण यहां युवा व्यायाम करने नहीं आ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यह ओपन जिम किसके लिए लगवाया गया है। क्या कब्र में निकलकर मुर्दे कसरत करेंगे। मामला सामने आने पर अधिकारियों की जगहंसाई हो रही है। वहीं अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।सरकार की ओर से सभी गांवों में युवाओं को फिट रखने के लिए ओपन जिम लगवाए जा रहे हैं। सोनीपत खंड के गांव थरिया में भी ब्लाक समिति की ओर से ओपन जिम अलाट हुआ। करीब दो महीने पहले सरपंच फरमान से ओपन जिम लगवाने के लिए जगह की मांग की गई। इस पर सरपंच ने गांव में पंचायती जमीन न होने का हवाला दिया।अधिकारियों ने जिम कहीं भी लगवाने को कहा तो सरपंच ने गांव से एक किलोमीटर दूर कब्रिस्तान की चारदीवारी के अंदर जिम की मशीनें लगवाने को कह दिया। जिस जमीन पर जिम लगाया गया है, कई साल पहले इस जमीन पर जनाजे दफनाए जाते थे। अब यहां से थोड़ी दूर जनाजे दफनाए जाते हैं। ठेकेदार के कर्मचारियों ने मिट्टी में जिम की मशीनें गाडक़र इतिश्री कर ली, वहां पर फर्श तक नहीं बनाया गया। इसके बाद सरपंच फरमान से जिम लगाए जाने की रिसीविंग ले ली।कई बार फोन करने पर ब्लाक समिति के चेयरमैन नवीन ने कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया। कब्रिस्तान में ओपन जिम लगाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं अभी गांव थरिया के सरपंच से पूछता हूं। वहीं सूत्रों ने बताया कि ओपन जिम लगाने में बड़े स्तर पर कमीशनखोरी हो रही है।इसमें कई स्तर पर कमीशन की बंदरबांट की जाती है। ठेकेदार समेत कई अधिकारियों की जेबें गर्म की जाती हैं।
इस कारण ही इन विकास कार्यों में बड़ी अनियमितताएं सामने आती हैं। वहीं जिम्मेदार अधिकारी मामला सामने आने पर अपनी जवाबदेही से बचते नजर आते हैं। यह मामला सामने आने पर अधिकारियों मेंं दिनभर हडक़ंप मचा रहा।ग्रामीण इरशाद ने बताया कि गांव में आठवीं तक का एक स्कूल है। गांव में तीन मस्जिद हैं। इसके अलावा कोई सुविधा नहीं है। गांव की आबादी करीब 2800 है और 1400 के करीब वोट हैं। गांव में 400 के करीब युवा ऐसे हैं जिन्हें जिम की जरूरत है।उन्होंने बताया कि मैंने गांव स्कूल में ओपन जिम लगवाने का सुझाव दिया था, लेकिन इसे गांव से एक किमी दूर कब्रिस्तान में लगा दिया गया। अब वहां कोई भी एक्सरसाइज करने नहीं जाता। वहीं गांव के सरपंच फरमान ने बताया कि पंचायत के पास कोई जमीन नहीं है, इसलिए ओपन जिम कब्रिस्तान में लगवाया गया था, लेकिन कब्र वहां दूर हैं। मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। मैं पता करता हूं कि ओपन जिम कब्रिस्तान में क्यों लगाया गया। इसकी जांच की जाएगी। नोटिस भेजकर ठेकेदार से जवाब तलब किया जाएगा।

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