
जम्मू । जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद फारूक अब्दुल्ला पर विवाह समारोह के दौरान गोली चलाने के मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने जांच तेज कर दी है। एसआईटी के सदस्यों ने मामले के आरोपित कमल सिंह जम्वाल से गंग्याल पुलिस थाने में करीब दो घंटे तक गहन पूछताछ की। इस दौरान टीम ने उससे घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे और गोली चलाने के पीछे के कारणों को विस्तार से जानने की कोशिश की। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान कमल सिंह जम्वाल अपने बयान पर अड़ा रहा। उसने एसआईटी को बताया कि उसने यह कदम अपनी इच्छा से उठाया था और इस घटना में किसी बाहरी व्यक्ति का कोई दबाव या साजिश शामिल नहीं थी। उसने यह भी कहा कि वह लंबे समय से फारूक अब्दुल्ला को निशाना बनाने की सोच रहा था। हालांकि, एसआईटी के अधिकारी उसके बयान के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। पूछताछ के बाद एसआईटी की टीम ग्रेटर कैलाश इलाके में स्थित उस बैंक्वेंट हाल में भी पहुंची, जहां विवाह समारोह के दौरान यह घटना हुई थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। अधिकारियों ने घटना से लगभग एक घंटे पहले से लेकर गोली चलने तक की रिकार्डिंग को ध्यान से देखा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आरोपित कमल सिंह जम्वाल समारोह में किस तरह पहुंचा था और उसकी गतिविधियां क्या थीं।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपित पहले से पूरी तैयारी के साथ कार्यक्रम में आया था या फिर अचानक स्थिति बनने पर उसने यह कदम उठाया। जानकारी के अनुसार आरोपित कमल सिंह विवाह समारोह में अपने साथियों के साथ शामिल होने आया था और उसके पास एक रिवाल्वर भी मौजूद थी, जिससे गोली चलाई गई। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जम्मू जोन के आइजीपी द्वारा विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। एसआईटी में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है, जो मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रहे हैं।





















