मरम्मत के नाम पर कई स्थानों पर गिट्टी और मिट्टी डालकर की गई खानापूर्ति

कोरबा । आरएसएस नगर से दादरखुर्द की सडक़ अत्यत जर्जर हो गई है। जगह-जगह गड्ढे बन गए है। यातायात का दवाव इतना अधिक है कि इन गड्ढों के कारण यहा हादसे की आशका बनी हुई है। बावजूद इसके समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
नगर निगम क्षेत्र में पडित रविशकर शुक्ल नगर से ककालीन मंदिर दादरखुर्द तक की सडक़ जर्जर हो चुकी है। मार्ग पर दो-तीन खतरनाक मोड हैं। इस मोड की सडक़ भी काफी खराच हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। मार्ग पर दोपहिया, चारपहिया, स्कूल बस महित अन्य वाहनो का दवाव रहता है। गड्?ढों में वाहनों के पहिए पडऩे से गाडिया अनियंत्रित हो जाती है। इससे दुर्घटना की आशका बनी रहती है। कई बार लोग इस मार्ग पर हादसे का शिकार भी हुए हैं। शाम के समय छोटी घटनाएं आम हा गई है। वही मार्ग पर मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। सडक़ पर कहीं गिट्टी तो कहीं सीमेट का मिश्रण डान्न दिया गया है, कुछ स्थानों पर मिट्टी डप कर दिया गया है। वाहनों के दवाय से मडक़ पर धूल के गुबार उड़ रहे है। वहीं सडक़ के आसपास रहने वाले कुछ लोग धूलसे राहत पाने के लिए सडक़ पर पानी का छिडक़ाव कर रहे हैं। ऐसे में सडक़ पर कीचड़ हो रही है। कीचड़ के कारण दोपहिया वाहन चालकों की परेशानी और बढ़ रही है। कई बारगड्ढे से बचने के लिए बाइक चालक आपस में टकरा जाते हैं तो कई बार वाहनों के पहिए फिसल जाते हैं। इस वजह से मार्ग पर आए दिन छोटी छोटी दुर्घटनाएं हो रही है। लोगों का
कहना है कि सडक़ की मरम्मत के लिए जनप्रतिनिधियों व विभाग को कई बार अवगत कराया जा चुका है। लेकिन विभाग की ओर से इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सडक के
साथ-साथ इस मार्ग पर स्थित स्ट्रीट लाइटा की स्थिति भी ठीक नहीं है। नगर निगम की ओर से रविशकर शुक्ल नगर होकर दादरखुर्द तक लगाई गई कई लाइटें खराब है।मोड़ के पास सडक़ पर ढलानआरएसएस नगर से दादरखुडं रोड पर खतरनाक मोड के पास ही सडक़ पर ढलान है। इससे वाहनों के पहिए स्वय ही तेज हो जाते हैं। वही चढाव वाले रास्ते पर भी सडक अत्यत खराब हो चुकी है। दादर नाला की सडक काफी सकरी है। इसके चौडीकरण की भी आवश्यकता महसूस की जा रही है। यहां सकेतक भी नहीं लगाया गया है। इससे हादसे का डर बना हुआ है।दादर नाला की ऊचाई काफी कम है। बारिश के दिनों में दादर नाला उफान पर रहता है। कई बार तो पानी अधिक होने से एक ओर से दूसरी ओर जाने में भी दिक्कत होती है। बारिश में दादर नाला उफान पर था इससे कई घरो में पानी घुत्त गया था. लेकिन न तो नाला के आसपास चौडीकरण हुआ और न ही सडक़ बनी। नाला पर समय के साथ अतिक्रमण भी तेजी से बढ रहा है।

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