अधूरी मरम्मत बनी आफत, कुछ दूर गिट्टी डालकर रोक दिया गया काम

राहौद। राहौद से बुंदेला तक जाने वाला मुख्य मार्ग आधी-अधूरी मरम्मत के कारण लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। बरसात के मौसम में यह सडक़ कीचड़ और पानी से भरी रहती थी, जबकि गर्मी के मौसम में अब वाहनों के गुजरने से धूल के गुबार उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह स्थिति स्कूल जाने वाले बच्चों, वृद्ध नागरिकों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए सबसे खतरनाक साबित हो रही है। स्थानीय निवासी कहते हैं कि सडक़ सुधार के नाम पर विभाग ने केवल औपचारिकता निभाई। कुछ दूरी तक गिट्टी डालकर कार्य रोक दिया गया, जिससे गड्ढे और उखड़ी सडक़ और अधिक खतरनाक हो गई है। दिनभर इस मार्ग से छात्र-छात्राएं, कार्यालय जाने वाले कर्मचारी और आम नागरिक आवागमन करते हैं, लेकिन विभाग अब तक स्थायी और गुणवत्तापूर्ण समाधान नहीं ला पाया।
आंदोलन की चेतावनी धूल और उखड़ी सडक़ के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। राहगीरों और विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को आंखों में जलन, सांस लेने में कठिनाई और अन्य शारीरिक असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों को स्कूल जाने में भी विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द सडक़ निर्माण कार्य को पूरी तरह से गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि विभाग ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन किया जाएगा।

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