
रामानुजगंज। क्षेत्र में ऑनलाइन शॉपिंग का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है। कुछ वर्ष पहले जहाँ ऑनलाइन खरीदारों की संख्या सैकड़ों में थी, वहीं अब यह संख्या प्रतिदिन लगभग 5,000 तक पहुँच गई है। ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते प्रभाव से स्थानीय दुकानदारों का व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थिति यह है कि गली-मोहल्लों में खुलने वाली छोटी दुकानें बंद होने के कगार पर पहुँच गई हैं। आज उपभोक्ता पास की दुकानों से सामान खरीदने के बजाय ऑनलाइन ऑर्डर करना अधिक पसंद कर रहे हैं। रामानुजगंज में ऑनलाइन माध्यम से ज्वेलरी, किराना, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, जूते-चप्पल सहित अनेक वस्तुएँ मंगाई जा रही हैं। हैरानी की बात यह है कि इनमें से 80 से 85 प्रतिशत सामान स्थानीय बाजार में उपलब्ध होने के बावजूद लोग ऑनलाइन शॉपिंग कर रहे हैं। कॉस्मेटिक एवं श्रृंगार सामग्री के दुकानदार वासु केसरी का कहना है कि उनकी दुकान में पर्याप्त स्टॉक और विभिन्न वैरायटी उपलब्ध हैं, फिर भी ऑनलाइन शॉपिंग के कारण उनकी बिक्री लगातार प्रभावित हो रही है। मुख्य बाजार में कपड़े की दुकान चलाने वाले विकास गुप्ता (विक्की) बताते हैं कि रामानुजगंज का यह सबसे प्रमुख बाजार होने के बावजूद पहले जैसी ग्राहकी नहीं रही। लोग अब दुकानों तक आने से बच रहे हैं, जिसका सीधा कारण ऑनलाइन शॉपिंग है। कपड़ा व्यवसायी रितेश केसरी (बिट्टू) ने बताया कि वे त्यौहारों को ध्यान में रखकर भरपूर तैयारी करते हैं, लेकिन ऑनलाइन खरीदारी के कारण अपेक्षित बिक्री नहीं हो पा रही है। मोबाइल दुकानदार अमित गुप्ता का कहना है कि वे ऑनलाइन रेट के बराबर या उससे कम दाम में मोबाइल उपलब्ध कराने का प्रयास करते हैं, इसके बावजूद कई ग्राहक ऑनलाइन मोबाइल मंगाते हैं और बाद में खराबी या समस्या होने पर शिकायत लेकर स्थानीय दुकानों पर ही आते हैं। स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में पारंपरिक दुकानों का अस्तित्व बनाए रखना कठिन हो जाएगा।

























