
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुयान ने शनिवार, 24 जनवरी को न्यायपालिका की आजादी को लेकर सरकार को सवालों के कठघरे में ला खड़ा किया। उज्ज्वल भुयान ने कहा, न्यायपालिका की आजादी के लिए सबसे बड़ा खतरा सिस्टम के अंदर ही है। जस्टिस उज्ज्वल भुयान ने केंद्र के सुझाव पर जस्टिस अतुल श्रीधरन को रूक्क हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर करने के कॉलेजियम के फैसले पर अपनी असहमति और निराशा जताई। जस्टिस भुयान ने पुणे के ढ्ढरुस् लॉ कॉलेज में संवैधानिक नैतिकता और लोकतांत्रिक शासन विषय पर प्रिंसिपल जी वी पंडित मेमोरियल में यह बात कही। जस्टिस भुयान ने कहा, यह कॉलेजियम सिस्टम में कार्यकारी प्रभाव का एक बड़ा दखल दिखाता है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। जस्टिस श्रीधरन का नाम लिए बिना, जस्टिस भुयान ने पूछा कि किसी जस्टिस को सिर्फ इसलिए एक हाई कोर्ट से दूसरे हाई कोर्ट में क्यों ट्रांसफर किया जाना चाहिए क्योंकि उसने सरकार के खिलाफ कुछ असुविधाजनक आदेश पारित किए थे। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अगस्त 2025 में जस्टिस श्रीधरन का ट्रांसफर मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में करने की सिफारिश की थी, लेकिन केंद्र की अपील पर कॉलेजियम ने अपना फैसला बदल दिया।



















