भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: कृषि और डेयरी क्षेत्र पर आंच नहीं, सुरक्षा कवच रहेगा बरकरार

वाशिंगटन, 0४ फरवरी ।
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन सोमवार को घोषित भारत के साथ व्यापार समझौते का मसौदा तैयार कर रहा है। भारत इसमें अमेरिकी औद्योगिक सामानों पर टैरिफ 13.5 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर देगा। लेकिन भारत को कुछ कृषि आयात सुरक्षा बनाए रखने की अनुमति होगी। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने एक साक्षात्कार में बताया कि अमेरिका भारत के कृषि क्षेत्र के कुछ सुरक्षा वाले क्षेत्रों तक पहुंच के लिए काम करना जारी रखेगा, लेकिन मेवे, शराब, स्पिरिट, फल, सब्जियां जैसी कई चीजों के लिए भारत के टैरिफ शून्य हो रहे हैं। उन्होंने चावल, बीफ, सोयाबीन, चीनी या डेरी का उल्लेख नहीं किया, जिन वस्तुओं को भारत ने ईयू के साथ अपने हालिया व्यापार समझौते से बाहर रखा था। ग्रीर ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने भारतीयों के साथ व्यापार में कई तकनीकी बाधाओं पर भी एक समझ और समझौता किया है। ये ऐसे क्षेत्र हैं जिसमें उन्होंने अमेरिकी मानकों को स्वीकार नहीं किया है, जबकि अमेरिकी सामान सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी मानकों को मान्यता की एक प्रक्रिया होगी और भारत को इन मानकों को स्वीकार करने के लिए अपनी राजनीतिक प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। रूसी तेल के आयात को कम करने की भारत की सहमति के बारे में उन्होंने कहा कि वह पिछले वर्ष के अंत से आयात कम करने पर काम कर रहा है। भारत अपनी ऊर्जा खरीद में विविधता लाने के लिए अमेरिका और वेनेजुएला का सही चुनाव कर रहा था
उन्होंने टैरिफ दरों में बदलाव की कोई शुरुआती तारीख नहीं बताई, बस इतना कहा कि इसे आधिकारिक बनाने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने इस समझौते को दोनों देशों के लिए एक रोमांचक अवसर बताया और कहा कि अमेरिका भारत के विरुद्ध कुछ टैरिफ (18 प्रतिशत) कायम रखेगा, क्योंकि हमारा उनके साथ बहुत बड़ा व्यापार घाटा है। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा, राष्ट्रपति ट्रंप ने तेल कंपनियों और रिफाइनरियों पर कार्रवाई करके रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन की अर्थव्यवस्था को कमजोर कर दिया है। भारत पर टैरिफ इस बात का अच्छा उदाहरण है कि चीजें कैसे बदल सकती हैं। भारत अब रूस से बहुत कम तेल खरीद रहा है और अगर दूसरे बड़े खरीदार भी ऐसा ही करें, तो इस खून-खराबे को खत्म करने में मदद मिलेगी। व्यापार समझौते के के बाद भारत अब उन देशों में शामिल हो गया है जिन पर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने सबसे कम टैरिफ लगाए हैं। भारत पर टैरिफ चीन, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, बांग्लादेश और वियतनाम जैसी अन्य एशियाई अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में काफी कम है। भारतीय सामानों पर अमेरिकी टैरिफ उसके सबसे करीबी सहयोगियों पर लगाए गए टैरिफ के करीब है।
इनमें ब्रिटेन (10 प्रतिशत), ईयू (15 प्रतिशत), स्विट्जरलैंड (15 प्रतिशत), जापान (15 प्रतिशत), और दक्षिण कोरिया (15 प्रतिशत) शामिल हैं। सबसे अधिक अमेरिकी टैरिफ वाले देशों में ब्राजील (50 प्रतिशत), म्यांमार (40 प्रतिशत), लाओस (40 प्रतिशत), चीन (37 प्रतिशत) और दक्षिण अफ्रीका (30 प्रतिशत) शामिल हैं।

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