
अहमदाबाद, २६ अगस्त ।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत पर अंगुली उठाने वालों को बिना नाम लिये दो टूक कहा है कि भारत किसी के दबाव में नहीं आयेगा। आत्मनिर्भरता के मंत्र से देश अपने पैर पर खड़ा है तथा तेजी से प्रगति कर रहा है। कांग्रेस का नाम लिये बिना मोदी ने कहा कि गांधी के नाम पर दशकों राज करने वालों ने स्वच्छता व स्वदेशी का कभी नाम तक नहीं लिया। मोदी ने कहा कि गुजरात दो मोहन, सुदर्शनधारी भगवान कृष्ण तथा चरखाधारी मोहनदास करमचंद गांधी की धरती है। अहमदाबाद के उमिया धाम मैदान में एक जनसभा को संबोधित करने से पहले उन्होंने अहमदाबाद व गुजरात की करीब छह हजार करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले एयरपोर्ट से लेकर उमियाधाम मैदान निकोल तक रोड शो किया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने पीएम का स्वागत किया। जनसभा में पीएम ने कहा कि किसानों, पशुपालकों और लघु उद्योगों के हित सर्वोपरि हैं और हम पर दबाव बढ़ सकता है, लेकिन हम इसे सहन करेंगे। यह टिप्पणी अमेरिका के साथ चल रहे टैरिफ विवाद को जोडक़र देखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गरीबों के लिए सम्मानजनक जीवन स्तर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार पिछले 11 वर्षों में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाली है।पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात की धरती दो मोहन की धरती है एक सुदर्शन चक्र धारी द्वारिकाधीश और दूसरे चरखाधारी मोहन, हमारे महात्मा गांधी। भारत इन दोनों के दिखाए रास्ते पर चलकर सशक्त होता जा रहा है।
श्रीकृष्ण ने हमें सिखाया कि देश समाज की रक्षा कैसे करें। उन्होंने सुदर्शन चक्र को न्याय व सुरक्षा का कवच बनाया, जो दुश्मन को ढूंढकर उसे दंड देता है। यही भाव आज भारत के फैसलों में देश-दुनिया अनुभव कर रही है।पीएम मोदी ने कहा कि आज आतंकवादी और उनके आकाओं को हम छोड़ते नहीं हैं। चाहे वे कहीं भी छिपे हैं। पहलगाम का हमले का बदला हमने कैसे लिया दुनिया ने देखा है। 22 मिनट में सब साफ कर दिया। ऑपरेशन सिंदूर हमारी सेना के शौर्य और सुदर्शन चक्र धारी मोहन की इच्छाशक्ति का प्रतीक बन गया है। उन्होंने कहा कि चरखाधारी मोहन महात्मा गांधी ने भारत की समृद्धि का रास्ता स्वदेशी में बताया था।पीएम मोदी ने कहा कि देश समझ नहीं पा रहा है कि कांग्रेस की समझ को क्या हुआ है। 60-65 साल देश पर शासन करने वाली कांग्रेस ने भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रखा ताकि वो सरकार में बैठे-बैठे आयात में भी घोटाले कर सके। आज भारत ने आत्मनिर्भरता को विकसित भारत के निर्माण का आधार बना दिया है।