भारतीय सेना ने अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में मार गिराए 2३7 ड्रोन, ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार ने कही ये बात

नईदिल्ली, 01 जनवरी ।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 2025 के दौरान ड्रोन घुसपैठ की कुल 791 घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें जम्मू और कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नौ घटनाएं और पंजाब और राजस्थान में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 782 घटनाएं शामिल हैं। मंत्रालय ने वर्ष के अंत में समीक्षा वक्तव्य में यह जानकारी दी कि पश्चिमी मोर्चे पर अपने स्पूफर और जैमर का प्रभावी उपयोग ड्रोन के खतरे को काफी हद तक कम करने में कारगर साबित हुआ।इस दौरान, भारतीय सेना ने अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में 237 ड्रोन मार गिराए। इनमें पांच ड्रोन युद्ध सामग्री से भरे हुए थे, 72 ड्रोन नशीले पदार्थों से भरे हुए थे और 161 ड्रोन बिना किसी पेलोड के थे। मंत्रालय ने कहा कि भारतीय सेना के अथक प्रयासों के कारण जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। इसने यह भी कहा कि लोगों ने विकास का मार्ग चुना है और वे सरकार तथा सेना द्वारा संचालित सभी पहलों में बड़ी संख्या में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। उत्तरी सीमाओं पर स्थिति स्थिर, मगर संवेदनशील रक्षा मंत्रालय के अनुसार, देश की उत्तरी सीमाओं पर स्थिति स्थिर, लेकिन संवेदनशील बनी हुई है। मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि वास्तविक नियंत्रण रेखा के सभी क्षेत्रों में भारतीय सेना की तैनाती मजबूत, सुव्यवस्थित है और किसी भी उभरती हुई आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।बहरहाल, भारत और चीन के बीच राजनीतिक, राजनयिक और सैन्य स्तर पर द्विपक्षीय बातचीत ने उत्तरी सीमाओं पर सकारात्मक विकास और स्थिरता को बढ़ावा दिया है।

 

RO No. 13467/10