बर्मिंघम। जस्विन शंकर ने राष्ट्रमंडल खेलों की एथलेटिक्स स्पर्धा में बुधवार को भारत का खाता खोलते हुए पुरूषों की ऊंची कूद स्पर्धा में कांस्य पदक जीता । राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी शंकर ने 2 . 22 मीटर की कूद लगाई ।दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश पर ऐन मौके पर टीम में शामिल किये गए 23 वर्ष के शंकर का सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2 . 27 और सर्वश्रेष्ठ निजी प्रदर्शन 2 . 29 मीटर है । न्यूजीलैंड के हामिश केर को स्वर्ण और आस्ट्रेलिया के ब्रेंडन स्टार्क को रजत पदक मिला । दोनों ने 2 . 25 मीटर की कूद लगाई थी । तेजस्विन का ये मेडल न सिर्फ ऐतिहासिक है, बल्कि बेहद खास भी है, क्योंकि उन्हें पहले इन गेम्स के लिए चुना भी नहीं गया था. एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने CWG के लिए चुनी 36 सदस्यों वाली टीम में तेजस्विन को मौका नहीं दिया था, क्योंकि उन्होंने AFI के क्वालिफाइंग इवेंट में हिस्सा नहीं लिया था, लेकिन अमेरिका में कैंसस यूनिवर्सिटी के इवेंट में उन्होंने AFI द्वारा तय मार्क को हासिल किया था. इसके बाद तेजस्विन ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां से कोर्ट ने AFI और भारतीय ओलिंपिक संघ को निर्देश दिए कि उन्हें शामिल किया जाए. कोर्ट का आदेश मानने के बाद भी समस्या खत्म नहीं हुई थी क्योंकि गेम्स की आयोजन समिति ने पहली बार में IOA के आग्रह को ठुकरा दिया था. हालांकि, आखिरी वक्त में इसे स्वीकार कर लिया गया था. इसके बाद वीजा का मसला भी फंसा और आखिरकार 31 अगस्त के बाद ही वह बर्मिंघम रवाना हो सके.