भारतीय रेलवे को मिलेगी नई गति, भीड़ कम करने और सुरक्षा के लिए कई मेगा प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी

नईदिल्ली, १० फरवरी ।
रेल मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि देश भर में यात्रियों और माल की आवाजाही को तेज और अधिक विश्वसनीय बनाने के साथ-साथ भीड़भाड़ को खत्म करने के उद्देश्य से रेल अवसंरचना परियोजनाओं के एक व्यापक सेट को मंजूरी दी गई है, जिसका उद्देश्य लाइन की क्षमता को बढ़ाना, सुरक्षा प्रणालियों में सुधार करना है।मंत्रालय के एक प्रेस बयान में कहा गया है कि इन स्वीकृतियों में दक्षिणी, उत्तरी और दक्षिण पूर्वी रेलवे शामिल हैं, जिनमें लाइन दोहरीकरण, तीसरी और चौथी लाइन, बाईपास कारिडोर और उन्नत इलेक्ट्रानिक इंटरलाङ्क्षकग सिस्टम शामिल हैं।कवच प्रणाली को लागू किए जा रहे उत्तरी रेलवे मार्गों पर 34 स्टेशनों पर 421.41 करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग को मंजूरी दिए जाने पर प्रकाश डालते हुए, मंत्रालय ने कहा कि इससे सुरक्षा और परिचालन दक्षता में वृद्धि होगी। मंत्रालय के अनुसार, उत्तरी रेलवे के अंतर्गत 411.96 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 13.46 किलोमीटर लंबी राजपुरा बाईपास लाइन की मंजूरी से उत्तरी रेलवे के सबसे व्यस्त गलियारों में से एक, अंबाला-जालंधर खंड पर क्षमता और परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। रेल मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि केंद्रीय बजट 2026 में घोषित सात नए हाई-स्पीड रेल (एचएसआर) कारिडोर के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए कदम उठाए गए हैं, जो भारत में अगली पीढ़ी के यात्री सफर की दिशा में एक बड़ा कदम है।

RO No. 13467/10