दुश्मन से लोहा लेने के लिए स्वदेशी लाइट टैंक जोरावर तैयार, चीन और पाकिस्तान की ऐसे उड़ाएगा नींद

नई दिल्ली। भारत का पहला स्वदेशी अत्याधुनिक बख्तरबंद हल्के टैंक जोरावर जमीन से लेकर आसमान तक दुश्मन से मोर्चा लेने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसे हर तरह की परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना करने के लिए डिजाइन किया गया है।

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के काम्बैट व्हीकल्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (सीवीआरडीई) और लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) ने मिलकर रिकार्ड 24 महीने में तैयार किया है। इस टैंक को एलएंडटी के आर्मर्ड सिस्टम्स कॉम्प्लेक्स, हजीरा में तैयार किया जा रहा है।

जनरल जोरावर सिंह कहलुरिया के नाम पर रखा गया टैंक का नाम

यह टैंक 2020 में भारत-चीन के गलवान घाटी विवाद के बाद शुरू किए गए प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इस टैंक को चीन के टाइप-15 लाइट टैंक का जवाब माना जा रहा है, जो वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत की युद्ध क्षमताओं को कई गुना बढ़ा देगा।

25 टन वजनी यह टैंक हाई पावर टू वेट रेशियो के साथ आता है, जो ऊंचाई वाले इलाकों, रेगिस्तानों और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में तत्परता से मूवमेंट कर सकता है।

जनरल जोरावर सिंह कहलुरिया के नाम पर रखा गया टैंक का नाम

यह टैंक 2020 में भारत-चीन के गलवान घाटी विवाद के बाद शुरू किए गए प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इस टैंक को चीन के टाइप-15 लाइट टैंक का जवाब माना जा रहा है, जो वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत की युद्ध क्षमताओं को कई गुना बढ़ा देगा।

25 टन वजनी यह टैंक हाई पावर टू वेट रेशियो के साथ आता है, जो ऊंचाई वाले इलाकों, रेगिस्तानों और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में तत्परता से मूवमेंट कर सकता है।

RO No. 13467/11