
नईदिल्ली 0६ दिसम्बर ।
इंडिगो एयरलाइन के विमानों से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए शनिवार का दिन भी परेशानियों वाला है। लगातार पांचवें दिन भी एयरलाइन ने अपनी कई उड़ानों को रद किया है। इससे लोगों में अफरा-तफरी का माहौल है। दरअसल, एयरलाइन ने पहले ही बयान जारी कर कहा था कि स्थिति को सामान्य होने में कम से कम दो से तीन दिन का वक्त लगेगा। शनिवार को तिरुवनंतपुरम और अहमदाबाद एयरपोर्ट पर कई फ्लाइट कैंसिल हुईं। अधिकारियों के अनुसार, तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर दिन भर में छह डोमेस्टिक फ्लाइट्स रद हुईं, जिससे खास रूट पर पैसेंजर के ट्रैवल प्लान पर असर पड़ा। जानकारी के अनुसार, एयरलाइन ने कुल 26 फ्लाइट्स शेड्यूल की थीं, जिनमें डोमेस्टिक और इंटरनेशनल दोनों तरह की फ्लाइट्स शामिल थीं। एयरपोर्ट के अधिरियों के अनुसार, इंडिगो की 6 दिसंबर के लिए 22 डोमेस्टिक फ्लाइट शेड्यूल थीं, जिनमें 11 फ्लाइट्स आना और 11 फ्लाइट्स जाना शामिल हैं, साथ ही चार इंटरनेशनल ऑपरेशन, दो फ्लाइट्स आना और दो फ्लाइट्स जाना शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि जिन उड़ानों को रद किया गया है, उनमें छह डोमेस्टिक फ्लाइट्स में तीन फ्लाइट्स आना और तीन फ्लाइट्स जाना शामिल हैं। उड़ानों के रद होने के कारण यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इधर, अहमदाबाद एयरपोर्ट पर भी ऑपरेशन पर असर पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि 6 दिसंबर को रात 12 बजे से सुबह 6 बजे के बीच सात आने वाली और 12 जाने वाली फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं। कई एयरपोर्ट पर रुकावटें हाल के हफ्तों में एयरलाइन के सामने आ रही ऑपरेशनल चुनौतियों को दिखाती हैं।
इंडिगो एयरलाइन ने शनिवार को भी बड़ी संख्या में अपनी उड़ानें निरस्त कर दीं। लखनऊ से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, पुणे और गुवाहाटी सहित कई शहरों की उड़ानें निरस्त कर दी गई हैं। एयर इंडिया की भी दो उड़ानें निरस्त हो गई हैं। लखनऊ एयरपोर्ट पर शनिवार सुबह से ही यात्रियों के बीच अफरातफरी मची हुई है। इंडिगो के बोर्डिंग काउंटर पर परेशान यात्रियों और इंडिगो एयरलाइन के कर्मचारियों के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। रिफंड और दूसरे विमानों के विकल्प के लिए यात्रियों की लंबी लाइन लगी हुई है। हालांकि इन काउंटर पर यात्रियों को राहत नहीं मिल रही है। कई यात्री सडक़ मार्ग से रवाना हुए।
इंडिगो संकट पर डीजीसीए भी एक्शन में आ गया है। शुक्रवार को डीजीसीए ने ऑपरेशनल रुकावटों की वजह बने हालात का पूरी तरह से रिव्यू और असेसमेंट करने के लिए एक हाई-लेवल, चार मेंबर वाली कमेटी बनाने का आदेश दिया।





























