
कोरबा। क्या कोयला के कारोबार में प्रतिटन के पीछे लेवी वसूलने का विवाद ही ट्रांसपोर्टर रोहित जायसवाल की हत्या का कारण बना या बात कुछ और थी। मामले की जांच के लिए पुलिस काम कर रही है। नतीजों का इंतजार है। इस बीच कांग्रेस ने अपने तरीके से जांच को लेकर एक टीम गठित की है। यह मौके पर पहुंच पहलुओं की पड़ताल करेगी।कांग्रेस संगठन के महामंत्री ने इस जांच टीम में रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया, पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर, मोहितराम केरकेट्टा, पीसीसी महामंत्री प्रशांत मिश्रा और कोरबा जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष मनोज चौहान को शामिल किया है। यह टीम सरायपाली पहुंचकर 28 मार्च को हुए घटनाक्रम को लेकर जांच पड़ताल करेगी। विभिन्न बिंदु इसके लिए तय किए जा रहे हैं लेकिन कांग्रेस का फोकस इस बात को लेकर है कि सरायपाली में कोयला ट्रांसपोर्ट करने के लिए प्रतिटन 50 रुपए कमीशन की वसूली बड़ा मुद्दा रही है। सारा किया-धरा इसी का है। इस चक्कर में विवाद हुआ, फिर मारपीट हुई और अंतत: ट्रांसपोर्टर रोहित जायसवाल की जिंदगी खत्म हो गई। पुलिस ने इस सिलसिले में सब एरिया मैनेजर चौहान, भाजपा पाली मंडल के अध्यक्ष रोशन सिंह ठाकुर, महामंत्री सहित 16 लोगों को आरोपी नामजद किया है। प्रकरण में अगली कार्यवाही की जा रही है। इन सबसे अलग कांग्रेस को लगता है कि जांच का नया सिरा भी हो सकता है इसलिए उसके एक विधायक और चार सहयोगी अपने तरीके से जांच करेंगे। हालांकि इनमें कोई भी टेक्निकल नहीं है। माना जा रहा है कि ये सभी उसी बारे में व्यावहारिक और बुनियादी बात करेंगे कि मामले की पृष्ठभूमि क्या थी और उसके बाद क्या हुआ। इसका निचोड़ क्या हो सकता है यह बाद की बात है। वैसे भी कोरबा जिले में कांग्रेस अब नए सिरे से उठने की तैयारी कर रही है। प्रदेश में वह विपक्ष में है ही, ऐसे में सरकार को घेरने के लिए मुद्दा चाहिए। सरायपाली कांड को इसी से जोडक़र देखा जा रहा है।