
नईदिल्ली २१ मार्च ।
ईरान ने हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया, जो कि अमेरिका और ब्रिटेन का संयुक्त सैन्य बेस है, पर दो इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह जानकारी कई अमेरिकी अधिकारियों ने दी है। इन मिसाइलों में से कोई भी बेस को निशाना नहीं बना सकी। सूत्रों के अनुसार, इन दो मिसाइलों में से एक उड़ान के दौरान विफल हो गई, जबकि अमेरिकी युद्धपोत ने दूसरी मिसाइल को रोकने के लिए स्रू-3 इंटरसेप्टर दागा। अधिकारियों के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि मिसाइल को रोका गया या नहीं।
इस्राइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत पर हवाई हमले करने की पुष्टि की है। सेना ने कहा कि वह शहर के कुछ इलाकों को निशाना बना रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2 मार्च के बाद से इस्राइल के हमलों में लेबनान में 1,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। हाल ही में बेरूत के दक्षिणी घनी आबादी वाले इलाकों के छह क्षेत्रों के लिए लोगों को जबरन खाली करने की चेतावनी भी जारी की गई थी। ईरान की राजधानी तेहरान में शनिवार तडक़े दो जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहर के ऊपर एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया। तेहरान के दक्षिण में स्थित शहर शाहर-ए-रे, पश्चिम में करज और मध्य ईरान के ऐतिहासिक शहर इस्फहान में भी हवाई हमलों की खबरें सामने आई हैं। फिलहाल किसी तरह के नुकसान या हताहत की पुष्टि नहीं हुई है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सऊदी अरब ने अपने पूर्वी क्षेत्र में पांच और ड्रोन मार गिराने का दावा किया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, हालांकि इनके स्रोत या किसी नुकसान की जानकारी नहीं दी गई। इससे पहले भी तीन ड्रोन को इंटरसेप्ट किया गया था। ईरान ने साफ किया है कि उसके पास अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति के लिए अतिरिक्त कच्चा तेल उपलब्ध नहीं है। यह बयान तब आया जब अमेरिकी ट्रेजरी से संकेत मिले थे कि ईरानी तेल पर प्रतिबंधों में ढील दी जा सकती है। ईरान के तेल मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ऐसे बयान केवल खरीदारों को उम्मीद देने के लिए हैं और वास्तविक स्थिति अलग है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान के दैर अल-जहरानी इलाके में इस्राइल के हवाई हमले में कम से कम 21 लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। इससे पहले, लेबनान की आपदा प्रबंधन इकाई ने बताया था कि एक ही दिन में इस्राइली हमलों में 20 लोगों की मौत हो चुकी है। कतर, जॉर्डन और मिस्र ने दक्षिणी सीरिया में इस्राइली द्वारा सैन्य ढांचे पर किए गए हमले की कड़ी निंदा की है। कतर के विदेश मंत्रालय ने इसे देश की संप्रभुता का उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया। साथ ही चेतावनी दी कि इस तरह के हमले क्षेत्रीय सुरक्षा को कमजोर कर रहे हैं। जॉर्डन और मिस्र ने भी इस कार्रवाई की आलोचना की। इस्राइल ने इस हमले को सीरिया के सुवैदा क्षेत्र में ड्रूज नागरिकों पर कथित हमलों के जवाब में किया गया कदम बताया है।


















