1965 और 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के साथ खड़ा था ईरान, भारत ने मनवाया था ताकत का लोहा

नई दिल्ली। आज अमेरिका और इजरायल, ईरान पर सख्त कार्रवाई कर रहे हैं, लेकिन इतिहास बताता है कि एक समय यही अमेरिका और ईरान भारत के खिलाफ पाकिस्तान के साथ खड़े थे। 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों में अमेरिका के इशारे पर ईरान ने पाकिस्तान की खुलकर मदद की। उस दौर में ईरान पर मोहम्मद रजा पहलवी का शासन था, जिनकी नीतियां भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थक थीं। अमेरिका के गोपनीय दस्तावेज साफ दिखाते हैं कि भारत के खिलाफ पाकिस्तान को बचाने के लिए हथियार, सैन्य उपकरण और ईंधन तक ईरान के जरिए पहुंचाया गया। यानी इन दोनों युद्धों में पाकिस्तान अकेला नहीं था अमेरिका और ईरान उसके साथ, भारत के खिलाफ खड़े थे।

1965 के बाद : ईरान बना ‘खरीद एजेंट’

दरअसल, 1965 के युद्ध के बाद पाकिस्तान को पश्चिमी देशों से सीधे हथियार मिलने में कठिनाई हो रही थी। तब ईरान ने पर्चेजिंग एजेंट यानी खरीद एजेंट की भूमिका निभाई। ईरान ने एक पश्चिम जर्मन हथियार कारोबारी से करीब 90 एफ-86 जेट, मिसाइलें, तोपें, गोला-बारूद और स्पेयर पा‌र्ट्स खरीदे। विमान पहले ईरान पहुंचे और वहां से पाकिस्तान भेजे गए। अन्य सैन्य सामग्री सीधे कराची पहुंचाई गई। कागजों पर खरीद ईरान के नाम थी, लेकिन असली उपयोग पाकिस्तान ने किया।

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