ईरान युद्ध का पूरी दुनिया पर पड़ सकता है असर, तेल संकट के कारण महंगाई और आर्थिक मंदी का खतरा

न्यूयॉर्क। ईरान के साथ नया युद्ध शुरू करने के बाद से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे एक अचानक और आक्रामक कदम के रूप में पेश किया है, जिसके अमेरिकियों पर बहुत कम परिणाम होंगे। सोमवार को फ्लोरिडा में उन्होंने इसे ”संक्षिप्त व्यवधान” बताया था। लेकिन, विशेषज्ञों का कहना है कि यह युद्ध तेजी से कुछ और ही रूप ले रहा है। वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को इससे ऐसा झटका लगेगा, जो पश्चिम एशिया में हाल के अन्य संघर्षों से कहीं अधिक गंभीर होगा।

लगभग दो सप्ताह से चल रहे इस युद्ध ने यात्रा के तौर-तरीकों, ऊर्जा पर निर्भरता, जीवन यापन की लागत, व्यापार मार्गों और रणनीतिक साझेदारियों को पहले ही बदल दिया है।

साइप्रस और संयुक्त अरब अमीरात जैसे क्षेत्रीय संघर्षों से आमतौर पर अछूते रहने वाले देशों को भी ईरान की जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ा है।

इसके परिणामस्वरूप अमेरिका में मध्यावधि चुनाव बाधित हो सकते हैं, यूक्रेन में युद्ध की स्थिति बदल सकती है और चीन को एक बड़े आर्थिक बदलाव के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

अगर ट्रंप युद्ध को आगे बढ़ाते हैं, तो ये प्रभाव और भी गंभीर हो सकते हैं। कुछ अर्थशास्त्री पहले से ही एक भयावह स्थिति की आशंका जता रहे हैं-तेल संकट के कारण मुद्रास्फीति और आर्थिक मंदी का खतरा, जिसमें विकास रुक जाता है और कीमतें तेजी से बढ़ती हैं। यह एक ऐसी स्थिति होगी, जिससे अमेरिका भी प्रभावित हो सकता है।

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