जर्वे रसौटा नहर मार्ग का डामरीकरण किया जाना अति आवश्यक

सीताराम नायक
जांजगीर चांपा। जांजगीर से बलौदा जाना किसी चुनौती से कम नहीं है इस मार्ग पर चलने से लोगों को जान माल का खतरा हमेशा बना रहता है जिसके कारण लोग एक अलग राह की तलाश में हमेशा रहते हैं ताकि इस यात्रा से उनकी जान बच सके। इसके लिए बलौदा जाने वाली मार्ग जर्वे रसौटा से नहर पार को अगर डामरीकरण कर दिया जाता है तो यह लोगों के लिए सुरक्षा भरा मार्ग सिद्ध हो सकता है, क्योंकि जर्वे से बलौदा भारी वाहनों का आवागमन अत्यधिक है।
वही सडक़ गढ़ों में तब्दील हो गया है जिससे लोगों को जान का तो खतरा बना रहता है साथ ही साथ पूरे राह में धूल से यात्री पूरी तरह से खराब, परेशान हो जाते हैं। इसलिए कुछ दूरी ही सही अगर जर्वे से रसौटा तक नहर पार को अगर डामरीकरण कर दिया जाता है तो बलौदा से रसौटा हुए सीधे आवागमन किया जा सकता है। जिससे लोगों को भारी वाहनों से आधी दूरी तक ही सही राहत मिल जाएगी।
इस संबंध में अवगत होगी जांजगीर नैला से बलौदा की दूरी लगभग 16,17 किलोमीटर की है इस राह में कोल वाशरियों के भारी वाहनों का आवागमन पूरे समय होता है जिसके कारण इस राह में लाखों की संख्या में गढ्ढे हो गए हैं और पूरी तरह से मार्ग खराब हो गया है। भारी वाहनों के आवागमन से पूरे राह में धूल उड़ते रहता है जिससे लोगों का वस्त्र खराब तो होता ही है।
साथ ही साथ धूल के अंधकार से लोग दुर्घटना से चोटिल हो जाते हैं जिससे आए दिन कुछ ना कुछ लोग चोटिल होते रहते हैं। वैसे तो यह मार्ग जिले भर में सबसे खतरनाक है जहां सबसे अधिक जाने इसी राह पर लोगों की जाती है जिससे बचने के लिए लोग नए रास्ते की तलाश में या तो हरदी होते हुए भैंसतरा के मार्ग को चुनकर बलौदा जाते हैं या फिर जर्वे से रसौटा होते हुए बड़ौदा पहुंचते हैं अगर इसी राह में रसौटा से जर्वे के नहर पार को डामरीकरण कर दिया जाता है तो इस 5 किलोमीटर की दूरी से लोगों को बहुत बड़ी राहत मिल सकती है। क्योंकि बलौदा से रसौटा का मार्ग पूरी तरह से ठीक है जहां रसौटा पहुंचते ही लोग नहर पार के माध्यम से सीधे जर्वे पहुंच कर जांजगीर नैला शहर के लिए आ जा सकते हैं। जिला प्रशासन को इसके लिए पहल करने की जरूरत है इतना ही नहीं बल्कि सिंचाई विभाग के अफसर छोटे-छोटे मार्ग को डामरीकरण कर अपनी उपलब्धि गिना रहे हैं वे अगर जर्वे रासौटा नहर पर को डामरीकरण कर करवा देते हैं तो इससे लोगों को राहत मिल जाएगी और लोगों की जान दुर्घटना से बच जाएगी जिसके लिए जनप्रतिनिधियों को भी पहल करने की आवश्यकता है।
यह क्षेत्र पूरी तरह से अकलतरा विधानसभा का है जहां के किसान अधिकतर जिला मुख्यालय के लिए आते-जाते रहते हैं वर्तमान में कांग्रेस का विधायक है उन्हें सरकार से पत्राचार करने की आवश्यकता है वही आगामी विधानसभा में भाजपा के प्रत्याशी को इस कार्य को कराने से अच्छा लाभ मिल सकता है। इसलिए पूर्व विधायक सौरभ सिंह को भी इस मार्ग के निर्माण में बढ़-चढक़र आगे आना चाहिए ताकि लोगों की जान बचाई जा सके।

RO No. 13467/9