
जांजगीर चांपा। यदि संसार के समस्त दु:खो से आप छुटकारा पाना चाहते हैं तो हनुमान जी की पूजा अर्चना कीजिए। हनुमान जी की सेवा कीजिए इससे आपके जीवन के समस्त कष्टों का समाधान हो जाएगा।
हनुमान चालीसा में लिखा है कि नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा। यह बातें छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास महाराज ने सक्ति के सिद्ध हनुमान मंदिर में आयोजित महा आरती कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के समक्ष अपने आशीर्वचन संदेश में अभिव्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति हनुमान जी की सच्चे हृदय से आराधना करता है, सच्चे भक्ति- भाव से उनकी सेवा करता है, उनके शरण में रहता है। उन्हें बैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है। -जो हनुमान जी की आरती गावै, बसी बैकुंठ परमपद पावै।* इसका कारण भी स्पष्ट है कि श्री हनुमान जी महाराज भगवान राघवेंद्र सरकार के सेवक हैं और भगवान श्री रामचंद्र जी साक्षात हरि के अवतार हैं, बैकुंठाधिपति हैं इसलिए आप सभी अपने जीवन में हनुमान जी की सेवा करें। इस भव्य महाआरती के आयोजन के लिए आप सभी धन्यवाद के पात्र हैं। इसमें उपस्थित होने का सौभाग्य हमें मिला यह भगवान हनुमान जी महाराज की विशेष कृपा है। उल्लेखनीय है कि सिद्ध हनुमान मंदिर सक्ति में प्रत्येक सप्ताह श्री हनुमान जी महाराज की महाआरती की जाती है।
इस सप्ताह यह 101 वीं महाआरती थी जिसमें राजेश्री महन्त मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए हैं। कार्यक्रम में विशेष रूप से पीआईएल से पारिख साहब, ठाकुर गुलजार सिंह, अयोध्या प्रसाद त्रिवेदी, रेखेन्द्र तिवारी, संजय रामचंद्र, भगतराम शर्मा,बोधसाय चंद्रा, त्रियुगीकान्त वैष्णव एवं अमीत तंबोली, पटेल जी, मीडियाप्रभारी निर्मल दास वैष्णव सहित गणमान्य नागरिक गण उपस्थित थे।






















