
कोरबा। जंगल मे मौजूद हाथियों के दल की निगरानी/ट्रेकिंग के बड़े-बड़े दावे करने और योजनाओं का प्रचार करवाकर खुद अपनी पीठ थपथपाने वाला वन अमला मैदानी स्तर पर लाचार है। हाथियों के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी सारी योजनाएं फेल हैं और ग्रामीणों की जान जा रही है। वन महकमा जंगल में इंसानी दखल भी नहीं रोक पा रहा है जो भी हाथी-मानव द्वंद्व का एक बड़ा कारण है।
इन्हीं नाकामियों के बीच कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल के केंदई और पसान रेंज में हाथियों का तांडव जारी है। शुक्रवार की शाम करीब 7 बजे दंतैल हाथी ने एक ग्रामीण को मौत के घाट उतार दिया। पिछले एक सप्ताह में यह चौथी घटना है जब हाथी के हमले से जनहानि हुई हो। केंदई रेंज के रिहायशी इलाके में दंतैल ने एक बुजुर्ग ग्रामीण पर हमला कर दिया। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है। आपको बता दे कि कटघोरा वन मंडल इलाके में 43 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। इस झुंड से अलग एक दंतैल घूम रहा है जो लगातार इंसानी बस्तियों में घुसकर लोगो की जान ले रहा है। एक माह के भीतर हाथी के हमले से 5 लोगों की जान जा चुकी है। वही हाथियों ने किसानों की सैकड़ों एकड़ खेतो पर लगे धान की फसल को भी तबाह कर दिया है। ग्रामीण अपनी जान बचाने रतजगा करने को मजबूर हैं वहीं वन विभाग के अधिकारी लाचार नजर आ रहे हैं।














