
जांजगीर। छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के तहत सेवा पर्व पखवाड़ा अभियान 2025 के अंतर्गत, जांजगीर-चांपा-सक्ती वनमण्डल के कोटमीसोनार मगरमच्छ संरक्षण आरक्षित केंद्र में स्वच्छता और पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधिकारियों, कर्मचारियों, जनभागीदारी के सदस्यों और वनरक्षक प्रशिक्षुओं ने पार्क परिसर में स्वच्छता ही सेवा की थीम पर सफाई अभियान चलाया और स्वच्छ भारत की ओर बढऩे के लिए प्रेरित किया।वनमंडलाधिकारी हिमांशु डोंगरे ने घोषणा की कि 2 अक्टूबर 2025 से, मगरमच्छ पार्क को वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 27 (4) के तहत नो प्लास्टिक जोन क्षेत्र घोषित किया गया है। उन्होंने बाहर से आए पर्यटकों और आसपास के ग्रामीणों को प्लास्टिक के उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और, यह संरक्षित क्षेत्र होने के कारण, कूड़ा-कचरा न फैलाने की अपील की। कार्यक्रम में सरपंच कोटमीसोनार रेखा सोनी, जनभागीदारी के सदस्यों, विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों और प्रशिक्षु वनरक्षकों ने पार्क के उन्नयन कार्य के तहत 500 छायादार पौधे लगाए। वनमण्डलाधिकारी हिमांशु डोंगरे ने कार्यक्रम में कहा कि वृक्ष हमारे जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। वृक्षारोपण न केवल पर्यावरण संरक्षण का साधन है, बल्कि यह आने वाली पीढिय़ों के लिए भी जीवनदायिनी भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से लगाए गए सभी पौधों की नियमित रूप से देखभाल और संरक्षण करने का आग्रह किया। इस अवसर पर उपवनमण्डलाधिकारी होरेश चन्द शर्मा, वन परिक्षेत्र अधिकारी बलौदा एसपी राठिया, सहायक अनुदेशक छोटे लाल डनसेना, वन परिक्षेत्र अधिकारी सक्ती जितेन्द्र कुमार कंवर, वनपाल विजेन्द्र सिंह ठाकुर, अजय कुमार राठौर, पार्क प्रभारी मुश्ताक एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सभी ने मिलकर पौधों की देखभाल का संकल्प लिया।






















