झारखंड में 750 करोड़ रुपये का हुआ शराब घोटाला; आरोपितों को मिल रहा चार्जशीट नहीं होने का लाभ

रांची। राज्य में शराब घोटाला मामले में एसीबी की जांच जारी है। 20 मई 2025 को एसीबी थाना रांची में दर्ज केस 38 करोड़ रुपये के राजस्व घोटाला मामले में दर्ज हुआ था। यह घोटाला अब करीब 750 करोड़ रुपये से अधिक का हो गया है. इस मामले में आठ माह के भीतर एक भी चार्जशीट नहीं होने से गिरफ्तार 17 आरोपितों में 14 को डिफाल्ट बेल मिल चुकी है। एक आरोपित को गोवा में ट्रांजिट बेल मिला था, जिसके बाद से ही वह फरार है।

जिन्हें उक्त केस में जमानत का लाभ मिल चुका है, उनमें दो आइएएस अधिकारी निलंबित आइएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे व पूर्व उत्पाद आयुक्त सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी अमित प्रकाश शामिल हैं। इनके अलावा तत्कालीन संयुक्त आयुक्त उत्पाद गजेंद्र सिंह, पूर्व महाप्रबंधक वित्त सुधीर कुमार दास, पूर्व महाप्रबंधक वित्त सह अभियान सुधीर कुमार, प्लेसमेंट एजेंसी मार्शन के स्थानीय प्रतिनिधि नीरज कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया, होलोग्राम

आपूर्ति कंपनी प्रिज्म होलोग्राफी के विधु गुप्ता, श्री ओम साईं बेवरेजेज के अतुल कुमार सिंह, मुकेश मनचंदा, सुमित फसिलिटीज के निदेशक अमित प्रभाकर सुलौंकी, प्लेसमेंट एजेंसी विजन हास्पिटालिटी सर्विसेज के निदेशक परेश अभेसिंह ठाकोर, विक्रमासिंह अभेसिंह ठाकोर व महेश शिडगे को भी जमानत का लाभ मिल चुका है।

वर्तमान में मेसर्स मार्शन के निदेशक जगन तुकाराम देसाई, छत्तीसगढ़ का देसी शराब आपूर्ति करने वाला कारोबारी राजेंद्र जायसवाल उर्फ चुन्नू जायसवाल अभी जेल में हैं। देसी शराब आपूर्ति करने वाला छत्तीसगढ़ का दूसरा कारोबारी नवीन केडिया गोवा में ट्रांजिट बेल मिलने के बाद से फरार है।

RO No. 13467/10