
माता रानी ने हमें बचा लिया’
पश्चिम बंगाल अलीपुर के महेश शाह सोनार के मुताबिक, ट्रेन से जोरों की आवाज आने के साथ-साथ धुआं निकलना शुरू हुआ तो, हम लोग काफी डर गए। हम अपने बच्चों के साथ सफर कर रहे थे। धमाके के बाद हम रोने लगे। जो भी हो माता रानी ने आज हमें बचा लिया है। उनके आरोपों के मुताबिक, रेलवे की लापरवाही के चलते इस तरह का हादसा हुआ है। हादसे के एक डेढ़ घंटे बाद भी रेलवे की ओर से कोई भी उनके पास नहीं पहुंचा।
रेल में सफर करने वाले सभी यात्री फंसे हुए हैं, लेकिन रेलवे से कोई नजर नहीं आ रहा है। महेश के मुताबिक, एक व्यक्ति जो की ट्रेन के अंदर ही था, वह छिटक कर गिरा, जिसके कारण उसकी मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि लेकिन फिर बाद में एनडीआरएफ और दमकल विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में जुट गए।
डरे हुए थे लोग
रेलवे में सफर करने वाले सभी लोग काफी डर गए। फारूक के मुताबिक, रेल में सफर करने वाले बहुत सारे यात्रियों को चोट लगी है, मुझे भी काफी चोट लगी है। मेरे बच्चों को भी चोट लगी है। इस हादसे के बाद काफी समय तक किसी के न पहुंचने के कारण ट्रेन में सफर करने वाले लोगों के बीच काफी असंतोष फैला। हालांकि बाद में मौके पर एंबुलेंस की गाड़ी भी पहुंची और घायल होने वाले लोगों को कटक बड़ा मेडिकल भेजा गया।
कटक बड़ा मेडिकल में 12 घायलों को भर्ती किया गया है। इस हादसे में एक ही व्यक्ति की मौत हुई है और उनका घर कोलकाता में है।
अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा
इस हादसे के बारे में खबर पाकर कटक मेयर सुभाष सिंह, बारबाटी कटक विधायक सोफिया फिरदौस, चौद्वार कटक के पूर्व विधायक प्रभात रंजन विश्वाल, कटक जिलाधीश दत्तात्रेय भाऊ साहब शिंदे, कटक डीसीपी खिलारी ऋषिकेश द्यानदेव प्रमुख एससीबी मेडिकल में पहुंचकर राहत और बचाव कार्य का जायजा लिया। यहां तक कि मेडिकल के कुल सचिव सुभाष चंद्र राय भी मौके पर मौजूद रहकर तमाम घायलों की बेहतर इलाज के लिए व्यवस्था करते हुए डॉक्टर को कार्य में तैनात किया। कटक मेयर सुभाष चंद्र सिंह, पूर्व विधायक प्रभात रंजन विश्वाल और विधायक सोफिया फिरदौस के मुताबिक, यह घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के हादसे को लेकर केंद्र सरकार को खास तौर पर रेल विभाग को काफी गंभीरता के साथ सोच-विचार करना चाहिए एवं इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरुरत है।















