मध्य प्रदेश: 14 बच्चों की मौत की जांच करेगी एसआईटी, कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर सरकार ने उठाया बड़ा कदम

छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। सिर्फ छिंदवाड़ा में अब तक 14 बच्चों की जान जा चुकी है। वहीं, अब एमपी सरकार ने मामले की जांच के लिए स्पेशल इंवेस्टिगेटिव टीम का गठन किया है। जहरीले कफ सिरप का असर सीधे बच्चों की किडनी पर देखने को मिला। किडनी फेल होने से बच्चों की मौत हो गई। बच्चों की दवाईयों में कोल्ड्रिफ कफ सिरप लिखने वाले सरकारी डॉक्टर प्रवीण सोनी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। डॉक्टर के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज किया गया है। मध्य प्रदेश पुलिस ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली कंपनी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। छिंदवाड़ा के एडिशनल डीसी धीरेंद्र सिंह ने बताया, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी मृतकों को 4 लाख रुपये का मुआवजा देने का एलान किया है। यह राशि सीधा पीडि़त परिवार के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि 8 बच्चों का इलाज नागपुर में चल रहा है। वहीं, 4 बच्चे एम्स अस्पताल में भर्ती हैं। मध्य प्रदेश के बेतुल में 2 बच्चों का इलाज चल रहा था और उनकी मौत हो गई।कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला सत्ता के गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाना शुरू कर दिया है। कांग्रस का कहना है कि यह घटना बीजेपी सरकार की नाकामयाबी को दर्शाती है और पार्टी ने इसके खिलाफ धरना प्रदर्शन की घोषणा की है।

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