महतारी वंदन : धनराशि रूकने पर हितग्राहियों से केवायसी के नाम पर लूट

च्वाइस सेंटर के झमेले में महिलाएं परेशान
कोरबा। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने चुनाव से पहले किए वादे को निभाते हुए पात्र महिला हितग्राहियों के मामले में लाभ देना शुरू किया है। महतारी वंदन योजना इसी का नाम है। जिले में कई लाख महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो रही है। खबर के अनुसार कुछ मामलों में धनराशि रूकने पर केवायसी का जोर है और इसी के जरिए च्वाइस सेंटर वाले महिलाओं को चपत लगा रहे हैं।
जानकारी मिली कि आवेदकों ने महतारी वंदन के लिए दो वर्ष पहले जो प्रक्रिया की थी उसके अंतर्गत जरूरी आवेदन जमा कराए थे। जिन मामलों में कुछ दस्तावेज नहीं हैं या किसी स्तर पर शिकायत हुई, ऐसे प्रकरणों का सत्यापन होने तक सर्विस ब्रेक हुई है। कुछ महीने पहले ही बड़ी संख्या में अपात्र हितग्राहियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया। उसके बाद नई व्यवस्था में अनेक हितग्राहियों ने बैंक पहुंचकर केवायसी कराया, जिसके बाद समस्या निराकृत हुई। देखने को आ रहा है कि पिछले कुछ दिनों से अचानक च्वाइस सेंटर में महिलाओं की भीड़ महतारी वंदन के चक्कर में लग रही है। जानकारी सूत्रों का कहना है कि कतिपय आंगनबाड़ी केंद्रों या च्वाइस सेंटर से महिलाओं के पास फोन आते हैं। इनमें कहा जाता है कि उनके खाते को किसी कारण से बंद किया गया है इसलिए महतारी वंदन का लाभ लेने के लिए केवायसी की प्रक्रिया करानी आवश्यक है। ऐसे प्रत्येक मामले के लिए 100 रुपए की वसूली च्वाइस सेंटर वाले कर रहे हैं। हितग्राहियों की सोच ये है कि अगर हर महीने एक हजार रुपए का निश्चित फायदा होना है तो फिर 100 रुपए का बलिदान छोटी बात है। उनकी समस्या तब बढ़ जाती है जब एक च्वाइस सेंटर में प्रक्रिया पूरी होती है तो कुछ दिन के बाद फिर अगला फोन आता है कि उन्हें केवायसी फिर से कराना होगा। इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं और इससे महिलाएं परेशान हैं। उन्हें लग रहा है कि कहीं न कहीं झोल जरूर है।
इस पूरे मामले में ध्यान देना होगा कि महिलाओं के खाते राष्ट्रीयकृत बैंकों में संचालित हो रहे हैं और खाते खुलवाने के दौरान उनके द्वारा न केवल दस्तावेज जमा किए गए बल्कि इसे आधार और अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से भी लिंक कराया गया। सवाल ये है कि जब व्यवस्था का केंद्रीकरण बैंकों से है तो फिर केवायसी का झमेला च्वाइस सेंटर में क्यों?
आखिर दिशा निर्देश कौन करेगा जारी
कोरबा नगर के साथ-साथ उपनगरीय क्षेत्रों और ग्रामीण क्षेत्रों से महतारी वंदन की राशि की निरंतरता और केवायसी के लोचे ने हितग्राहियों को परेशान किया है। पूरे मामले में च्वाइस सेंटर की भूमिका आखिर क्यों होना चाहिए, यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है। जब बैंकों से केवायसी की सुविधा उपलब्ध है तो फिर प्रशासन को इस मामले में दखल क्यों नहीं देना चाहिए। यह विषय व्यापक जन महत्व का है। महिलाओं के हित में केवायसी को लेकर बैंकों को दिशा निर्देश जारी किए जाएं, इसके लिए जिले के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को प्रशासनिक स्तर पर पहल करने की आवश्यकता है।

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