बंगाल चुनाव के बाद नागरिकता छीन लेगी केंद्र सरकार, ममता बनर्जी का सनसनीखेज आरोप

कोलकाता, २१ मार्च ।
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव के बाद राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) और जनगणना के नाम पर लोगों की नागरिकता छीनने की योजना बना रही है।अपने कालीघाट आवास से पार्टी का चुनावी घोषणापत्र जारी करने के मौके पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए ममता ने दावा किया कि चुनाव से पहले बंगाल में अनौपचारिक राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है।ममता ने चुनाव की घोषणा के बाद से बीते कुछ दिनों में निर्वाचन आयोग द्वारा बंगाल के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के लगातार तबादलों पर फिर सवाल उठाते हुए इसपर आश्चर्य व्यक्त किया।ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा व केंद्र के इशारे पर बंगाल पर कब्जे के लिए यह सब किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार चुनाव के बाद एनआरसी और जनगणना के नाम पर लोगों की नागरिकता छीनने की योजना बना रही है और चेतावनी दी कि लोगों को ऐसे प्रयासों के प्रति सतर्क रहना चाहिए।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार, चुनाव आयोग के साथ मिलकर भाजपा को आगामी लोकसभा चुनाव जीतने में मदद करने के लिए नए सिरे से परिसीमन की भी योजना बना रही है। ममता ने साथ ही आरोप लगाया कि उत्तर बंगाल के कुछ जिलों और बिहार के कुछ हिस्सों को मिलाकर अलग राज्य बनाने की भाजपा व केंद्र द्वारा साजिश रची जा रही है। हाल में भी ममता ने इसका आरोप लगाया था।निर्वाचन आयोग पर बरसते हुए ममता ने आरोप लगाया कि उसने चुनाव से पहले भाजपा के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए राज्य के शीर्ष अधिकारियों का रातों-रात तबादला किया है।ममता ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर जानबूझकर अधिकारियों का तबादला कर रहा है ताकि चुनाव में इस्तेमाल के लिए बंगाल में धन, हथियारों, मादक पदार्थों और गुंडे- माफियाओं को दूसरे राज्यों से यहां लाया जा सके। राज्य में चुनाव के दौरान अशांति और दंगे भडक़ाने की साजिश का उन्होंने आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोग की हालिया कार्रवाई के परिणामस्वरूप ऐसा प्रतीत होता है कि आयोग और केंद्र ने बंगाल में अनौपचारिक राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया है क्योंकि भाजपा जानती है कि वह चुनाव में हार जाएगी।
ममता ने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार ज्यादा दिन नहीं टिकेगी और गिर जाएगी। ममता ने यह भी आरोप लगाया कि एसआईआर में एक विशेष समुदाय से संबंधित लोगों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैंने सुना है कि एसआईआर में विचाराधीन लगभग 60 लाख मामलों में से लगभग 22 लाख मामलों का निपटारा हो चुका है और इसमें से लगभग 10 लाख नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनमें ज्यादातर मुर्शिदाबाद, मालदा व उत्तर दिनाजपुर जिले के लोग शामिल हैं। ममता बनर्जी ने इस दौरान लोगों से अपील की कि बंगाल को बचाने के लिए एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ लड़ें। अगर केंद्रीय एजेंसियां आपको डराने की कोशिश कर रही हैं, तो डरें नहीं। अगर वे आपको रुपये देने की कोशिश कर रहे हैं, तो न लें।

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