
जनकपुर। एमसीबी जिले के भरतपुर ब्लाक अंतर्गत जनकपुर समिति में पिछले डेढ़ माह में किसानों से खरीदी गई धान का उठाव नहीं होने से समिति प्रबंधक परेशान है।
पिछले डेढ़ माह में प्रबंधकों ने शासन प्रशासन के दिशा निर्देशानुसार समिति में आने वाले किसानों से उनकी उपज का धान की लगातार खरीदी कर रहे है, जो कि अब समिति के लिमिट से तीन गुना ज्यादा खरीदी हो गई है। लेकिन समिति से धान का उठाव नहीं होने से समिति में धान रखने के लिए जगह का आभाव बन गया है। इस सम्बन्ध में जनकपुर समिति प्रबंधक रोशन श्रीवास्तव ने बताया कि धान का उठाव नहीं होने से समिति में भारी मात्रा में धान एकत्र हो गई है। समिति में लिमिट से तीन गुना ज्यादा धान की आवक से खुले आसमान के नीचे रखा हुआ है, जिससे धान सूखने एवं गुणवत्ता प्रभावित होने की संभावना बनी हुई है। समिति में धान जाम हो जाने से जगह के आभाव में किसानों को धान को ढाला करने, बोरी भरने, सिलाई करने एवं तौल कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रबंधक ने आगे बताया कि जनकपुर समिति में धान खरीदी एवं धान रखने की अधिकतम क्षमता 09 हजार क्विंटल है, लेकिन समिति में अब तक लगभग 30 हजार क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। जिससे समिति में अब धान रखने के लिए खाली जगह नहीं बची है, ऐसी स्थिति में यदि जल्द से जल्द धान का उठाव नहीं होता है तो समिति में धान खरीदी की प्रक्रिया बंद होने की पूर्ण संभावना बन गई है। वहीं इस संबंध में क्षेत्र के किसानों का कहना है कि इस वर्ष अचानक कई किसानों के जमीन का रकबा घट जाने फिर जोडऩे एवं एग्रीस्टेग तथा ऑनलाइन ऑफलाइन टोकन लेने में किसान पहले से ही काफी परेशान है। वहीं किसानों ने बताया कि 27 जनवरी तक उनका टोकन ऑनलाइन कटने के बावजूद वो टोकन पाने के लिए समिति का चक्कर लगा रहे है। ऐसे में समिति से धान का उठाव नहीं होने पर धान की खरीदी बंद होने की संभावना को लेकर क्षेत्र के किसान इन दिनों चिंतित नजर आ रहे है।


























