
श्रीनगर। लाल किला आत्मघाती हमले में शामिल आतंकी डॉ. उमर और उसके अन्य साथियों को इस्लाम के नाम पर आत्महत्या और विध्वंस के लिए कथित तौर पर उकसाने वाले मौलवी इरफान अहमद की पत्नी को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। दावा है कि मौलवी इरफान इस मॉड्यूल का मास्टरमाइंड है।
वह कई वर्षों से श्रीनगर के बाहरी इलाके नौगाम की एक मस्जिद में इमाम के तौर पर काम कर रहा था। वह इंटरनेट मीडिया के जरिए अफगानिस्तान में जिहादी तत्वों के संपर्क में भी था। पिछले महीने नौगाम में जैश के पोस्टर लगाए गए थे और उसके बाद पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए पहले पांच लोगों में से एक मौलवी इरफान अहमद था। जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, मौलवी इरफान अहमद कट्टरपंथी जिहादी मानसिकता रखता है। दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले का निवासी मौलवी इरफान अहमद जीएमसी श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिक के तौर पर भी काम कर चुका है।डॉ. आदिल, डॉ. उमर और डॉ. मुजम्मिल जीएमसी श्रीनगर में उसके संपर्क में आए थे। वह अक्सर युवाओं को नौगाम मस्जिद में इस्लाम और मौजूदा हालात पर चर्चा करने के लिए बुलाता था और उनका ब्रेनवॉश करता था। वह अपने संपर्क में आने वाले युवाओं को जैश प्रमुख मसूद अज़हर के वीडियो भी दिखाता था।
अधिकारियों ने बताया कि वह वीओआईपी और इंटरनेट के ज़रिए पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान और अन्य देशों में जिहादी तत्वों के संपर्क में था। उन्होंने यह भी बताया कि मौलवी की पत्नी और आतंकवादी डॉ. उमर ने कई बार बातचीत की थी।


















