
कोरबा। जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित करते हुए न्यू कोरबा हॉस्पिटल (NKH) ने अपने न्यूरो केयर विभाग का विस्तार किया है। अब मरीजों को न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरो-साइकेट्री और न्यूरो फिजियोथैरेपी जैसी तमाम जटिल सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। इसके साथ ही अस्पताल में अत्याधुनिक एंडोस्कोपिक (दूरबीन) स्पाइन सर्जरी की शुरुआत भी हो गई है।
बिना बड़े चीरे के होगी रीढ़ की हड्डी की सर्जरी
अस्पताल की न्यूरोसर्जन डॉ. शिवानी ने बताया कि अब कोरबा में ही ‘मिनिमली इनवेसिव’ तकनीक से रीढ़ की हड्डी के ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इस तकनीक के मुख्य फायदे हैं:
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न्यूनतम दर्द: बड़ा चीरा न लगने के कारण मरीज को पीड़ा कम होती है।
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तेजी से रिकवरी: ऑपरेशन के कुछ ही दिनों बाद मरीज को छुट्टी मिल जाती है।
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जल्द सामान्य जीवन: मरीज बहुत कम समय में अपने दैनिक कार्यों पर लौट सकता है।
बाहर जाने की जरूरत नहीं: डॉ. एस. चंदानी
NKH के डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी ने कहा, “हमारा उद्देश्य कोरबा के निवासियों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा स्थानीय स्तर पर प्रदान करना है। अब न्यूरो संबंधी रोगों के लिए मरीजों को रायपुर या बड़े महानगरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इससे परिजनों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी।”
विशेषज्ञ सेवाएं और मानसिक स्वास्थ्य उपचार
अस्पताल में अहमदाबाद की अनुभवी मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. रजनी वर्मा द्वारा न्यूरो-साइकेट्रिक सेवाओं की शुरुआत की गई है। इसमें स्ट्रोक के बाद अवसाद, मिर्गी से जुड़ी मानसिक समस्याएं और व्यवहार परिवर्तन जैसे जटिल विकारों का प्रभावी इलाज किया जा रहा है।































